Wheezal Homeopathy in Hindi, व्हिजल होमियोपैथी दवाई सूची

डॉ. फ़ारुक़ जे मास्टर की प्रस्तुति, व्हीजल लगातार अपने सभी होमियोपैथी उत्पादों में उच्च प्रभावकारिता को बनाए रखने के लिए गुणवत्तायुक्त सामग्री, प्लांट स्वच्छता, पर्यावरण सरोकारों, अपशिष्ट प्रबंधन और मानव संसाधन विकास जैसे मुददों पर विशेष ध्यान देते हुए कम्पनी के मानकों में निरंतर सुधार कर रहे हैं l

  • व्हीजल की गुणवत्ता नियंत्रण नीति सदैव एचपीआई (होमियोपैथी फार्माकोपिया ऑफ़ इंडिया) और ईएचपी द्वारा निर्धारित मानकीकृत नियमों का प्रयोग सुनिशचित करती है।
  • मदर टिंक्चर, घोलों, टेबलेट और अन्य पेटेंट उत्पादों के निर्माण के हर स्तर पर उचित मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन किया जाता है।
  • व्हीजल के उत्पाद कई विकसित और अन्य देशों को निर्यात किये जाते हैं, जो इनकी विश्व व्यापक स्वीकृति का प्रमाण प्रस्तुत करते हैं।
  • व्हीजल द्वारा नैदानिक परीक्षण एवं ओषधि प्रमाणन सुविधा स्थापित किये जाने से इसका अनुसंधान एवं विकास विभाग कम्पनी का एक प्रमुख स्तंभ बन चुका है।

कंपनी का उद्देश्य घरेलू और अंतराष्ट्रीय, दोनों बाजारों में उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद और तकनीकी सेवाएं अनुकूलतम मूल्य पर प्रदान करना हे l

Homeopathy medicines in Hindi, wheezal products

व्हिजल डब्लू एल सीरीज होमियोपैथी ड्रॉप्स १ – ६०

डब्लू एल – १ एक्नी ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. मुंहासे हटाने की दवा  दवा संकेत: मुहाँसे, चर्म के धब्बे, चर्म साफ करने के लिए। परिचय: मुहाँसे, चर्म का एक सामान्य रोग है जिसमें चर्म के हिस्सों में काले दाने, वसायुक्त ग्रन्थियाँ, गाँठे, फुन्सी, एक्समुँहासे (कील) आदि। घटक: जुग्लान्स रेजिया १एक्स, नेट्रम-ब्रोमेटम ३एक्स, एमोनियम-ब्रोमेटम १एक्स, लिडम-पालुस्टर ३एक्स, नेट्रम-क्लोरेटम ३एक्स, केलियम-ब्रोमेटम ३एक्स, ब्रोमियम ३एक्स, वायोला, ट्राईकलर २एक्स, एन्टिमोनियम कूडम ३एक्स, पल्सेटिला-नाइग्रीकैन्स ३एक्स, क्रिया क्षेत्र: एक्नी वल्गैरिस, फुन्सियाँ एवं क्षत चिन्ह, ब्लैकहेड एवं व्ह्याइट हैड के लिए चर्म को साफ करती है। मात्रा: १०-१५ बूंदें २ चम्मच पानी में, भोजन से पहले, दिन में तीन बार अथवा जैसा चिकित्सक निर्देश करें।
डब्लू एल – २ अस्थमा ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. दमा का उपचार  दमा एवं छाती के कसाव को दूर करती है, श्वास पथों को खोलती है। परिचय: दमा श्वास पथों का एक जीर्ण प्रदाहक रोग है।  जिसके परिवर्तनशील, बार-बार होने वाले लक्षणों का चरित्र है परिवर्तनीय प्रश्वास का अवरोध एवं ब्रॉन्को स्पाज्म। इसके सामान्य लक्षणों में घड़घड़ाहट वाली खाँसी, छाती का कसाव और श्वास अवरोध सम्मिलित है। घटक: इपिकैकुआना २एक्स, एस्पीडोस्पर्मा ३एक्स, पैसीफ्लोरा इन्कारनाटा २एक्स, ब्लैटाओरिएंटैलिस ३एक्स, स्पॉन्जिया टोस्टा ३एक्स, मार्गन बैलिलस प्योर ३०सी, क्रिया क्षेत्र: ब्रॉन्कियल अस्थमा एलर्जिक ब्रॉन्काइटिस, अस्थमेटिक ब्रॉन्काइटिस, क्रोनिक आब्सट्रक्टिव लंगडिजीज, इन्टरसैटिस्टियल लंगडिजीज। मात्रा: १०-१५ बूंदें २ चम्मच पानी में, भोजन से पहले दिन में तीन बार लें। दौरे के समय पहले आधा घण्टा फिर चौथाई घण्टा या ५ से १० मिनट के अन्तर पर १०-१५  बूंदें बार-बार लें। दवा का प्रभाव बढाने के लिए गुनगुने पानी में लेना अधिक अच्छा होता है या फिर जैसा चिकित्सक निर्देश करें।
डब्लू एल – ३ आर्टिरियोस्क्लीरोसिस  ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. रक्तवाहिनी नली को लचीला करने में प्रयुक्त.  लक्षण :  छाती में दर्द, अवरुद्ध धमनी के कारण हाथ या पैर में दर्द, सांस की तकलीफ, खराब परिसंचरण के कारण पेशी की कमजोरी  परिचय: आर्ट्रीरियोस्क्लेरोसिस धमनियों की प्राचीरों के मोटा पड़ जाने एवं कठोर हो जाने के कारण इनके लचीलेपन के कम हो जाने और आकुंचन के प्रभावित हो जाने को कहते हैं। घटक: वैनेडियम मेटालिकम ३एक्स, प्लम्बम आयोडेटम ३एक्स, पॉलिगोनम एविकुलारे १एक्स, बैराइटा कार्बोनिकम ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: सामान्य आर्टेरियोस्क्लेरोसिस, सेरेब्रल आर्टेरियोस्क्लेरोसिस, एऑर्टिक एवं कॉरोनरी स्क्लेरोसिस, नेफ्रो स्क्लेरोसिस, याददाशत की कमी, रक्त संकुलता, घुमरी, रक्ताघात की प्रवृति एवं इसके प्रभाव। मात्रा: १०-१५ बूंदें २ चम्मच पानी में दिन में तीन बार या फिर जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ४ बैकएक ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. कमर दर्द की दवा  कमर दर्द में राहत पहुँचाती है और गतिशीलता को बनाये रखती है। परिचय: पीठ की पेशियों, नाडियों, अस्थियों और जोडों आदि में उत्पन्न होने वाले कमर दर्द के लिए। घटक: बर्बरिस वलगैरिस १एक्स, कैल्केरिया फॉस्फोरिका ३एक्स, कॉस्टिकम ३एक्स, नक्स वोमिका ६एक्स, रोडोडैन्ड्रन क्राइसैन्थम २एक्स, क्रिया क्षेत्र: सभी प्रकार के कमर दर्द, सन्धिवात, स्पॉण्डिलोआर्थ्राइटिस, सैक्रोइलियक आर्थ्राइटिस एवं रियुमेटिक आर्थ्राइटिस के लिए। मात्रा: १०-१५ बूंदें २ चम्मच पानी में दिन में तीन बार या फिर जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ५ सरवाईकल स्पॉण्डिलाइटिस ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. गर्दन में दर्द, झुनझुनी, गर्दन गठिया की दवा  पीठ (मेरुदण्ड) को दुरस्त रखती है। परिचय: गर्दन कसेरुओं के अपजनक आर्थ्राइटिस और सूजन तथा तत्सम्बन्धी तन्तुओं, जोडों और पेशिबन्धनियों (लिगामेन्ट्स) के दर्द में राहत पहुँचाने के लिए तथा पेशियों की कमजोरी के लिए। घटक: रुटा ग्रैवियोलेन्स ३एक्स, रस टॉक्सीकोडेन्ड्रन ६एक्स, हाइपेरिकम परफोरेटम १एक्स, कैल्मिया लैटिफोलिया २एक्स, पेरिस क्वाड्रिफोलिया ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: सवाईकल स्पॉण्डिलाइटिस, गर्दन और कन्धों का दर्द, सब आक्सिपिटल दर्द, सिर दर्द एवं बाँहों का सुन्नपन। मात्रा: १०-१५ बूंदें २ चम्मच पानी में दिन में तीन बार भोजन से पहले। तीव्र पीडा में: दो चम्मच पानी में या फिर जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ६ सरवाईकल स्पॉण्डिलाइटिस (हल्का) ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली.गर्दन में दर्द, झुनझुनी, गर्दन गठिया की दवा गर्दन दर्द में त्वरित राहत के लिए। परिचय: गर्दन के एक या अधिक कसेरू में सूजन एवं दर्द, गर्दन की अकड़न। दर्द पश्च कपाल और कन्धों की और फैलना। घटक: रुटा ग्रैवियोलेन्स ३एक्स, रस टॉक्सिकोडेन्ड्रन ६एक्स, हाइपेरिकम परफोरेटम १एक्स. क्रिया क्षेत्र: हर प्रकार की गर्दन की अकड़न एवं कन्धों का दर्द, पश्च कपाल एवं सिर का दर्द। मात्रा: १०-१५ बूंदें २ चम्मच पानी में दिन में तीन बार भोजन से पहले या चिकित्सक जैसी राय दें।
डब्लू एल – ७ कोल्ड एंड कफ ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. सर्दी और खांसी की दवा  प्राकृतिक तरीके से सर्दी खाँसी में राहत पहुँचाता है। परिचय: राइनोवाइरस के कारण नाक बहना और खाँसी, मौसम बदलने पर सामयिक एलर्जी, तेज और असुखकर गन्ध, रसायनों के प्रति अनावृत्ति, पौधों और ऐसे खाद्य पदार्थों का जिनमें रंग और सरंक्षी पदार्थों का उपयोग हुआ है आदि से सर्दी, खाँसी। घटक: ब्रायोनिया आल्बा ३एक्स, एकोनाइटम नेपेलस ६एक्स, यूकैलिप्टस ग्लोबुलस ३एक्स, फेरम फॉस्फोरिकम ३एक्स, सेबाडिला ऑफिसिनेलिस २एक्स, जेल्सेमियम सेम्परविरेन्स ३एक्स, लाइकोपर्सिकम सोलेनम २एक्स. क्रिया क्षेत्र: नजला, राइनोफैरिन्जाइटिस, इन्फलुएन्जा, श्वास संस्थान के ऊपरी भाग का प्रतिश्याम। सर्दी और प्रतिश्याम का सामान्य सिर दर्द। मात्रा: १०-१५ बूंदें २ चम्मच पानी में हर १५ मिनट से ३ घण्टे तक के अन्तर से। बच्चे: ८-१० बूंदें २ चम्मच पानी में हर १५ मिनट से ३ घण्टे तक के अन्तर से या चिकित्सक जैसी राय दें।
डब्लू एल – ८ कफ ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. खांसी की दवा  खाँसी को हल्का करके राहत पहुँचाने के लिए। परिचय: खाँसी फेकडों को स्रावो, क्षोभकों, एलर्जन, परकीय पदार्थो और रोगाणुओं आदि से मुक्त करने के लिए अचानक बार-बार होने वाली प्रतिक्रिया होती है। खाँसी अधिकतर श्वास संस्थान की एलर्जी, परकीय पदार्थों और संक्रमण के कारण होती है। घटक: बेलेडोना ३एक्स, पैसीफ्लोरा इन्कारनाटा २एक्स, काक्कस कैक्टाई ३एक्स, ड्रोसेरारोटण्डीफोलिया १एक्स, इपिकैकुआना ३एक्स, स्पॉन्जिया टोस्टा ३एक्स, स्टिक्टा पल्मोनेरिया ३एक्स, थाइमस, सर्पिलम ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: रिनोलैरिन्जो फैरिन्जाइटिस के दौरान, ब्रॉन्काइटिस, एज्मेंटिक एलर्जी, ब्रॉन्कियल एज्मा, ट्यूबर कुलोसिस और यक्ष्मा आदि सब प्रकार की खाँसी के लिए। मात्रा: वयस्क: १० से १५ बूंद दो चम्मच पानी में दिन में ४ से ६ बार। बच्चे: ८ से १० बूंद २ चम्मच पानी में ४ से ६ बार अथवा चिकित्सक जैसी राय दें।
डब्लू एल – ९ कन्वल्शन ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. मिरगी का दौरा की दवा  मस्तिष्क एवं स्नायु संस्थान की सामान्य विध्युत क्रिया को सहायक परिचय: ऐंठन (कन्वल्शन) एक ऐसी दशा है जिसमें शरीर की पेशियां बार-बार ऐंठती और ढीली पड़ती हैं जिससे शरीर में असंयत फड़कन होती है। घटक: ब्यूफो रैना ६एक्स, क्यूप्रम मेटालिकम ३एक्स, पल्सेटिला नाइग्रीकैन्स ३एक्स, योनन्थिकोकाटा १एक्स, जिंकम मेटालिकम ३एक्स, क्रिया क्षेत्र: मृगी एवं मृगी जैसे दौरे। आक्षेप एवं प्रमस्तिष्कीय रक्त संकुचन। पेशियों की फड़कन एवं स्नायु संस्थान की विकृति। मात्रा: वयस्क: १० से १५ बूंद २ चम्मच पानी में दौरे से पहले, दिन में २ से ३ बार। दौरा पड़ने पर २० बूंद २ घण्टे तक हर १/२ घण्टे पर दें। बच्चा: वयस्क से आधी मात्रा अथवा चिकित्सक जैसी राय दें।
डब्लू एल – १० डेण्टल न्यरैल्जिया ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. दांत का दर्द की दवा दांत दर्द और संवेदनशीलता के लिए। परिचय: दाँत में विवर, दाँत में दरार पड़ने, दाँत की जड़ अनावृत्त होने, मसूड़े के फोड़े आदि के कारण दर्द होने पर उपयोगी दाँत निकलवाने पर भी दर्द हो सकता है दर्द चबाने से, ठंड़ से, गर्मी में बढ़ सकता है। घटक: एकोनाइट नेपेलस ६एक्स, कैल्केरिया कार्बोनिका ३एक्स, कैमोमिला ३एक्स, कोलोसिन्थिस ३एक्स, इग्नेशिया अमारा ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: दाँत देर से निकलना, दर्द, मसूड़ों के फोड़े के कारण धपधपाहट, यह दाँत में राहत पहुंचाती है और दाँतों के कष्टों का निवारण करती है। मात्रा: आधा प्याला पानी में १० से १५ बूंद, दिन में तीन बार। तरुण दशा में दिन में ४ से ५ बार भी दवा ली जा सकती है। बच्चा: वयस्क से आधी मात्रा या जैसे चिकित्सक राय दें।
डब्लू एल – ११ डायबिटीज ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. मधुमेह, चीनी रोग की दवा डायबिटीज को नियंत्रित करने एवं जटिलताओं से बचाने के लिए। परिचय: जब चयापचयिक (मेटाबोलिक) समूह के कारण रक्तशर्करा बढ़ जाती है या प्रैकिंयाज पर्याप्त इन्सुलिन नहीं बना पाती या फिर शरीर में बनने वाली इन्सुलिन से प्रभावित नहीं होते डायबिटीज हो जाती है। बढी हुई रक्तशर्करा के कारण बार-बार मूत्र त्याग, भूख और प्यास बढ़ जाना आदि लक्षण हो जाते हैं। घटक: सिजिजियम जैम्बोलेनम २एक्स, एसिडम फॉस्फोरिकम १एक्स, कैल्केरिया कार्बोनिका ३एक्स, सेफालैण्ड्रा इण्डिका ३एक्स, क्रेटिगस ऑक्सीकैन्था ३एक्स, एब्रोमा ऑगस्टा १एक्स, ऐसेटिकम एसिडम ३एक्स, हेलोनियास डायोका १एक्स, जिम्नेमा सिल्वेटर १एक्स, ग्लीसरिनम २एक्स, क्रिया क्षेत्र: यह पैंक्रियाज को इन्सुलिन उत्पन्न करने के लिए उददीपित करती है और न्यूरोपैथी, नेफ्रोपैथी और रेटिनोपैथी जैसी डायबिटीज की जटिलताओं को कम करती है। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में भोजन से पहले दिन में ३ बार (अथवा) जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – १२ एन्यूरेसिस ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. मूत्राशय असंयमता (बिस्तर गीला करना) की दवा मूत्र अंसयति व अंसमय रोधक परिचय: अनियंत्रित मूत्र त्याग को चिकित्सीय भाषा में एन्यूरेसिस छोटे बच्चों के असंयत मूत्र त्याग को कहते हैं और द्वितीयक एन्यूरेसिस बच्चा थोड़ा बड़ा होने पर या वयस्क होने पर बिस्तर गीला करने को कहते हैं। घटक: फेरम फॉस्फोरिकम ३एक्स, एसिडम बेन्जोइकम २एक्स, इक्विजेटम हाइमेल ३एक्स, युपेटोरियम परफोरेटम २एक्स, सिना मेरिटिमा ३एक्स, बेलेडोना ३एक्स, सिपिया ऑफिसिनेलिस ३एक्स, क्रियोजोटम ३एक्स, पल्सेटिला नाइग्रीकैन्स ३एक्स, कैल्केरिया फॉस्फोरिका ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: यह रात्री कालीन असंयत मूत्र त्याग में, मूत्राशय की कमजोरी में लाभदायक होती है। बच्चों और बूढ़ों की मूत्राशय पेशियों को सुढृढ़ करती है। मात्रा: वयस्क: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में दिन में ३ बार। बच्चा: ८ से १० बूँद २ चम्मच पानी में दिन में ३ बार अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – १३ गलैण्डुला ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. थायरायड विकार, प्रतिरक्षा विकार क्रियात्मक ग्रन्थि विकार। परिचय: तनाव संक्रमण एवं अन्य कारणों से अंतःस्रावी ग्रन्थियों के स्रावों में असंतुलन पैदा हो सकता है। इस असंतुलन के कारण नर और नारी में वृद्धि का विकार मोटापा थायरायड विकार, एडिसन्स रोग, रोगों से प्रतिरक्षा प्रणाली में कमी आदि विकार उत्पन्न हो सकते हैं। घटक: बैराइटा कार्बोनिका ३एक्स, कोनियम मैकुलेटम ६एक्स, बेलेडोना १एक्स, आयोडियम ३एक्स, आर्सेनिकम आयोडेटम ६एक्स. क्रिया क्षेत्र: अंतःस्त्रावी ग्रन्थियों की विकृति, वृद्धि विकार, कण्ठमाला की प्रणवता के साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली की कमजोरी। मात्रा: वयस्क: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में दिन में ३ बार। बच्चा: ८ से १० बूँद २ चम्मच पानी में दिन में ३ बार अथवा चिकित्सक जैसी राय दें।
डब्लू एल – १४ ग्रो टॉल ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. शारीरिक वृद्धि की दवा प्राकृतिक तरीके से लम्बाई बढ़ाने के लिए उपयोगी एवं सुरक्षिता। परिचय: शरीर वृद्धि के लिए ग्रोथ हॉरमोन आवश्यक होते हैं ये पिटुटरी ग्रन्थि के अग्रललरी (लोब) से निःसृत होते हैं और शरीर वृद्धि को उददीपित करते हैं।  घटक: कैल्केरिया फॉस्फोरिका ३एक्स, थूजा ऑक्सिडेण्टैलिस ३एक्स, फेरम फॉस्फोरिकम ३एक्स, बैराइटा कार्बोनिका ३एक्स, फॉस्फोरस ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: जिन बच्चों की मानसिक एवं शारीरिक वृद्धि विलम्बित हो उनके लिए उपयोगी। शरीर की लम्बाई और भार आयु के अनुपात में न बढ़ना। मात्रा: ८ से १० बूँद २ चम्मच पानी में दिन में ३ बार या जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – १५ हैल्दी थ्रोट ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. गले में खराश, टॉन्सिल, गले में संक्रमण की दवा गले को स्वस्थ रखने के लिए। परिचय: कण्ठ की श्लेष्मा कला और टॉन्सिल का प्रदाह। गले में छिलन की अनुभूति। निगलने में कठिनाई और गले का सूखापन। घटक: फाइटोलैक्का बेरी क्यू, एचिनेशिया अंगुष्टिफोलिया क्यू, क्रिया क्षेत्र: बैक्टीरिया और वाइरस के कारण गले में छिलन। एलर्जी के कारण गले में छिलन, मौसमी प्रभावों के संक्रमण के प्रति प्रतिरोध पैदा करती है। मात्रा: वयस्क: १० से १५ बूँद, २ चम्मच पानी में भोजन से पूर्व दिन में ३ बार। बच्चा: वयस्क की मात्रा का आधा। अथवा चिकित्सक जैसी राय दें।
डब्लू एल – १६ हाईपरटेन्शन ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. उच्च रक्त चाप की दवा रक्तचाप को नियमित करने में सहायक है। परिचय: उच्च रक्तचाप, धमनीय रक्तचाप भी कहलाता है। यह जीर्ण चिकित्सक दशा है जिसमें धमनियों में रक्त का दबाव बढ़ जाता है। उच्च रक्तचाप से पीड़ित अधिकांश व्यक्ति सिर दर्द, चक्कर कानों में आवाजें, दॄष्टि में विकार और बेहोशी की शिकायत करते हैं। घटक: एलियम सैटाइवम ३एक्स, रॉलफिया सर्पेन्टीना १एक्स, विस्कम एल्बम २एक्स, वेलेरियाना ऑफिसिनैलिस ३एक्स, क्रैटिगस ऑक्सीकैन्था १एक्स, आर्निका मोन्टाना ३एक्स, मेलिलोटस आल्बा ३एक्स, कैक्टस ग्रैन्डीफ्लोरस २एक्स. क्रिया क्षेत्र: रक्त चाप को नियमित करने में सहायता करती है और उसे सामान्य बनाये रखती है। हृदयाघात आदि जटिलताओं से बचाती है। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में भोजन से पहले दिन में ३ बार। तरुण अवस्था में: १० बूँद १ से २ घण्टान्तर, या जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – १७ हाइपोटेन्शन ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. हृदय की पेशियों के सशक्त बनाने में सहायक और निम्न रक्तचाप में सुधार के लिए। परिचय: हाइपोटेंशन को विशेषतः धमनियों में रक्त के कम दबाव को निम्न रक्तचाप के आधारभूत लक्षण हैं: घुमरी, सुस्ती, बेहोशी और कभी कभी पेशी आक्षेप। घटक: एकोनाइटम नैपेलस ६एक्स, बौराइटा कार्बोनिका ३एक्स, कैक्टस ग्रैन्डीफ्लोरस १एक्स, कोनियम मैकुलेटम ६एक्स, क्रैटिगस ऑक्सीकैन्था ३एक्स, चायना ऑफिसिनैलिस ६एक्स, जेल्सेमियम सेम्परविरेन्स ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: उपयुक्त रक्तचाप बनाये रखने में सहायक होती है और इस प्रकार कोषों को उपयुक्त बढ़ावा देती है। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में भोजन से पूर्व दिन में ३ बार। तरुण दशा में: १० बूँद १ से २ घण्टे के अन्तर से अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – १८ इन्फ्लुऐंजा ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. फ्लू की दवा  नाक बहना, जुकाम, सर्दी, ज्वर। परिचय: इन्फ्लुएन्जा एक वाइरल रोग है जो आर.एन.ए वाइरस द्वारा होता है जो सर्दी, ज्वर, नाक बहना, गले की खराश, पेशियों का दर्द, सिर दर्द, खाँसी और कमजोरी पैदा करता है। घटक: रस टॉक्सिकोडेन्ड्रन ६एक्स, फेरम फॉस्फोरिकम ३एक्स, एकोनाइटम नेपेलस ६एक्स, बैप्टीशिया टिंक्टोरिया १एक्स, युकैलिप्टस ग्लोबुलस ३एक्स, ब्रायोनिया आल्बा ३एक्स, युपेटोरियम परफोलिएटम २एक्स, जेल्सेमियम सेम्परविरेन्स ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: रोग की प्रक्रिया को छोटा करने में सहायक, और कम से कम समय में अधिकतम राहत पहुँचाने में सहायक। मात्रा: वयस्क: १० से १५ बूँद, २ चम्मच पानी में १५ मिनट से २ घण्टे के अन्तर में। बच्चा: ८ से १० बूँद, २ चम्मच पानी में १५ मिनट से २ घण्टे के अन्तर में अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – १९ इण्टरकॉस्टल न्यूरैल्जिया ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. श्वास, छींकने, खाँसी के दौरान ऊपरी सीने में दर्द, पसलियों के बीच दर्द,  पसलियों बीच के स्थानो में असह्य पीड़ा। परिचय: इण्टरकॉस्टल न्यूरैल्जिया एक स्नायु पीड़ा होती है जो पसलियों और उनके बीच के स्थानों में होती है। दर्द श्वास प्रश्वास, खाँसने और छींकने से बढ़ सकता है। घटक: ऑक्जैलिकम एसिडम ३एक्स, कोलोसिन्थिस ३एक्स, बेलेडोना ३एक्स, रस टॉक्सिकोडैन्ड्रन ६एक्स. क्रिया क्षेत्र: पसलियों के बीच के स्थानों में जलन और चमक के साथ स्नायु पीड़ा। मात्रा: वयस्क: १० से १५ बूँद, २ चम्मच पानी में भोजन से पहले दिन में ४ से ६ बार। बच्चा: ८ से १० बूँद, २ चम्मच पानी में भोजन से पहले दिन में ४ से ६ बार अथवा चिकित्सक जैसी राय दें।
डब्लू एल – २० इन्फ्लेमेशन ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. सूजन की दवा  प्रदाहित अवस्थाओं में सहायक। परिचय: प्रदाह शरीर के कोशों की चोट और संक्रमण की स्थिति में एक बचाव की प्रतिक्रिया को कहते हैं जो दर्द, गर्मी, लाली, सूजन और प्रभावित कोशों की प्रक्रिया का हृयास से प्रगट होती है। घटक: बेलेडोना ३एक्स, फाइटोलैका डिकैण्ड्रा ३एक्स, एकोनाइटम नेपेलस ६एक्स, कैल्मिया लैटिफोलिया ३एक्स, मैग्नेशियम फॉस्फोरिकम ३एक्स, जिंकम वेलेरियाना ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: प्रदाह को कम करके दर्द, गर्मी और सूजन में राहत पहुँचाती हैं। मात्रा: वयस्क: शुरू में १० से १५ बूँद, २ चम्मच पानी में आधा घण्टे के अन्तर से आधे से एक दिन तक। राहत अनुभव होने पर एक से २ घण्टे के अन्तर पर लें। बच्चा: वयस्क की मात्रा अथवा जैसी चिकित्सक राय दें।
डब्लू एल – २१ ज्वाइंट रिलीफ ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. दर्द, दुखन और अकड़न के लिए। परिचय: सामान्यत सन्धिवात के रोगियों में जोड़ों के दर्द की समस्या अक्सर पायी जाती है। जोड़ अधिकतर या तो अपजनित हो जाते हैं या प्रदाहित हो जाते हैं। जोडों का कड़ापन और विकृत हो जाना सामान्य कष्ट है। घटक: बेन्जोइकम एसिडम ३एक्स, ब्रायोनिया आल्बा ३एक्स, नेट्रम फॉस्फोरिकम ३एक्स, रस टॉक्सिकोडेण्ड्रन ६एक्स, स्टेलेरिया मीडिया ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: रियुमेटिक आर्थ्राइटिस, ऑस्टियोआर्थ्राइटिस और ट्रॉमेटिक आर्थ्राइटिस में उपयोगी। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में दिन में ४ से ६ बार या जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – २२ माईग्रेन ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. माईग्रेन और स्नायविक सिरदर्द। परिचय: माइग्रेन दिन के समय एक ओर होने वाले दर्द को कहा जाता है, जो सूर्येदय के समय शुरू हो कर दोपहर में चरम सीमा पर पहुँच जाता है और/धीरे धीरे सूर्यास्त तक समाप्त हो जाता है। घटक: सिमिसिफ्यूगा रेसिमोसा ३एक्स, जेल्सेमियम सेम्परविरेन्स २एक्स, आइरिस वर्सिकलर १एक्स, सैन्गुनेरिया कैनेडेन्सिस ३एक्स, स्पाइजिलिया एन्थेल्मिया ३एक्स, बेलेडोना ३एक्स, एपिफेगस वरजीनियाना १एक्स. क्रिया क्षेत्र: माईग्रेन, क्लस्टर सिर दर्द, तनाव से सिरदर्द, रियुमेटिक सिरदर्द। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में दिन में ३ बार। तेज र्दद में: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में दिन में ३ से ६ बार अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – २३ ट्रैवल सिकनेस ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. मितली, घुमरी और मूर्छा के लिए। परिचय: ट्रैवेल सिकनेस को मोशन सिकनेस भी कहते हैं, जो गाड़ी में यात्रा से घुमरी, थकान, मितली आदि लक्षणों के साथ उत्पन्न होती है। उल्टी / वमन हो जाने से राहत मिलती है। घटक: इथूजा साइनापियम ३एक्स, कॉक्कुलसइण्डिकस ३एक्स, कोलचिकम ऑटमेल ३एक्स, इपिकैकुआना ३एक्स, नक्स कोमिका ६एक्स, पेट्रोलियम ३एक्स, हायोसिएमस नाइगर ३एक्स, टैबेकम निकोटियाना ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: कार सिकनेस, समुद्री सिकनेस, हवाई यात्रा सिकनेस। मितली, उल्टी और घुमरी दूर करने में सहायक। मात्रा: वयस्क: १० से १५ बूँद यथा सम्भव हल्के गरम पानी में या सीधे ही ५ से १० मिनट के अन्तर से। बच्चा: वयस्क की आधी मात्रा अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – २४ यू.टी.आई ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. मूत्र मार्ग में होने वाले संक्रमण के लिए। परिचय: मूत्रीय संक्रमण (यू.टी.आई.) या मूत्रनली में अन्य भाग जैसे गुरदा, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और मूत्र मार्ग में होने वाले संक्रमण। घटक: मैडोरहिनयम २००, पायरोजिन ३०, टरबिइनथीन ३०, क्रिया क्षेत्र: मूत्रनली में होने वाले संक्रमण खुजली व जलन से राहत देने में सहायक है। मात्रा: १० से १५ बूंद थोड़े से पानी के साथ दिन में ४ से ६ बार या चिकित्सक के परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – २५ ट्यूमर ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. अनिमियत विकास व ग्रन्थि में होने वाली सूजन में राहत के लिये। परिचय: सभी प्रकार की रसौली-घातक कैन्सर का भय, टी.बी, फोड़े जख्म का बनना, उपकला निर्माण, मस्सो का बढ़ना और अस्थि सूजन। घटक: कैल्केरिया कार्ब ३०सी, कोनियम ३०सी, कैलल्क फ्लोर ३०सी, बर्याटा कार्ब ३०सी क्रिया क्षेत्र: अनिमियत विकास व ग्रन्थि में होने वाली सूजन में राहत देने में सहायक है। मात्रा: १० से १५ बूंद थोड़े से पानी के साथ दिन में ४ से ६ बार या चिकित्सक के परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – २६ मेनोपॉज ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. स्वस्थ रजोनिवृति काल के लिए। परिचय: मेनोपॉज का अर्थ है मासिक धर्म की समाप्ति। इसे रजोनिवृति भी कहते हैं। यह ऐसी अवस्था है जब अण्डाशय (ओवरी) कार्य करना बन्द कर देती है। घटक: लैकेसिस ६एक्स, सल्फर ३एक्स, सिमिसिफ्यूगा रेसिमोसा ३एक्स, सैन्गुइनेरिया कैनैडेन्सिस १एक्स, आर्जेण्टम नाइट्रिकम ३एक्स, क्रिया क्षेत्र: गर्मी की झलकें लगना, पसीना आजाना, शारीरिक कमजोरी, अवसाद और सिरदर्द। अनियमित मासिक, योनि की खुजली। उदासीनता और मानसिक थकान आदि रजोनिवृति काल के कष्ट। मात्रा: १० से १५ बूंद २ चम्मच पानी में दिन में ३ बार अथवा चिकित्सक की जैसी राय हो।
डब्लू एल – २७ ऑस्टियोआर्थ्राइटिस ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. जोड़ो के कष्टों में तेजी से राहत के लिए। परिचय: सामान्यत ४५ वर्ष से अधिक आयु वाले स्त्री पुरुषों में होने वाला एक जीर्ण रोग है जिससे वजन संभालने वाले जोड़ प्रभावित होते हैं और श्लेष्मल कलाओं के विघटन और जोड़ो की हड़ियों के सिरों पर उभार आदि से प्रगट होते हैं। प्रमुख लक्षण है, जोडों में कड़कड़ाहट की आवाज के साथ दर्द, सूजन, कड़ापन एवं गति में अवरोध। घटक: आर्निका मोन्टाना ३एक्स, सिमिसिफ्यूगा रेसिमोसा ३एक्स, कैल्मिया लैटिफोलिया १एक्स, टेरेबिन्थिना ३एक्स, लिडम पालुस्टर २एक्स, ब्रायोनिया आल्बा ३एक्स, रुटा ग्रैवियोलेन्स ३एक्स, हेक्ला लावा २एक्स. क्रिया क्षेत्र: कशेरुओं और बड़े जोड़ों के ऑस्ट्रियो आर्थ्राइटिस के लिये उपयोगी। घुटने और कूल्हे के जोड़ों का आर्थ्राइटिस। मात्रा: १० से १५ बूंद २ चम्मच पानी में दिन में ३ बार अथवा चिकित्सक की जैसी राय दें।
डब्लू एल – २८ पाइल्स ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. बवासीर के मस्सों को संकुचित करने एवं घुलाने के लिए। परिचय: बवासीर (पाइल्स) गुदा की धमनियों के फूल जाने को कहते हैं। वे अक्सर या तो सूज जाती हैं या प्रदाहित हो जाती हैं। शौच के समय अत्यधिक जोर लगाने के कारण होती है जैसा कि कब्ज में होता है, कभी-कभी ये यकृत धमनी के उच्च रक्तचाप के कारण भी हो जाती हैं।  घटक: एलो सोकोट्रिना ३एक्स, ग्रेफाइट्स ३एक्स, केलियम कार्बोनिकम ३एक्स, एसिडम नाइट्रिकम ३एक्स, लाइकोपोडियम क्लेवेटम ३एक्स, इस्कुलस हाइपोकास्टेनम ३एक्स, कॉलिंसोनिया कैनेडेन्सिस ३एक्स, नक्स वोमिका ६एक्स, ब्लूमिया ओडोरैटा ३एक्स, मिलिफोलियम ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: खूनी और बादी बवासीर, गुदा भ्रंश (प्रोलेप्सस), थ्रॉम्बोसिस पाइल्स। मात्रा: १० से १५ बूंद २ चम्मच पानी में भोजन से पहले दिन में ४ से ६ बार जब कुछ राहत मिल जाये, १० बूँद दिन में ३ बार या और अधिक अन्तराल से जब तक कि पूरा न मिले अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – २९ प्रोस्टेटाइटिस ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. पुरुषों में जलन और दर्द के साथ बार-बार मूत्र त्याग। परिचय: पौरुष ग्रन्थि (प्रोस्टेट) का प्रदाह जो अधिकतर बैक्टीरिया संक्रमण से होता हे। इसके चारित्रिक लक्षण होते हैं, ज्वर, कटि प्रदेश में, जननांग क्षेत्र में ठण्ड। घटक: चीमाफिला अम्बेलैटा ३एक्स, बैराइटा कार्बोनिका ३एक्स, क्लिमेटिस इरेक्टा ३एक्स, पल्सेटिला नाइग्रिकैन्स ३एक्स, ट्रिबुलस टैरेस्ट्रिस २एक्स, सेबाल सेरुलाटा २एक्स, कोनियम मैकुलेटम ६एक्स, पैरिराब्रावा २एक्स, थूजा आक्सिडेण्टैलिस ३एक्स, क्रिया क्षेत्र: मूत्र त्याग के समय होने वाली जलन और कसाव में राहत के लिए, रात्रिकालीन मूत्र, बार-बार मूत्र त्याग की इच्छा और मूत्र रोध में राहत के लिए उपयोगी है। तरुण और जीर्ण प्रोस्टेटाइटिस। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में भोजन से पहले दिन में ४ से ६ बार जब कुछ राहत मिल जाये तो मात्रा १० बूँद दिन में ३ बार पूरी तरह राहत मिलने तक लेते रहें अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ३० पेन गॉन ड्रॉप्स  प्रस्तुति: ३० मि.ली. मांस पेशियों और अस्थियों के दर्द। परिचय: दर्द एक असुखकर अनुभूति है जो हानिकर उददीप्ती से यथा पत्थर से पैर की उंगलियों का छित जाना, आग से उँगलियों में जलन, कटे हुए पर एल्कोहल लगाने से, र्दद की अनुभूतिहीनता परिधि के स्नायुओं की कुन्दता से होती है। नाड़ी सम्बधि दर्द स्नायविक संस्थान के किसी भी अंग के क्षति या रोग द्वारा प्रभावित होने से होते हैं। फैन्टम दर्द शरीर के किसी अंग के कट जाने पर उक्त अंग में अनुभव होने वाले दर्द को कहते हैं। अन्य सामान्य दर्द जैसे रियुमेटिक दर्द, जोडों के दर्द और मांसपेशियों के दर्द जो अधिक श्रम या चोट लगने आदि के कारण होते हैं। घटक: एकोनाइट नैपेलस ६एक्स, कैमोमिला ६एक्स, बर्बेरिस वल्गेरिस १एक्स, कॉस्टिकम हैनिमैनी ३एक्स, रोडोडेन्ड्रन क्राइसैन्थम ३एक्स, रस टाक्सिकोडेन्ड्रन ६एक्स, कैल्मिया लैटिफोलिया ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: ट्राइजेमिनल न्यूरैल्जिया, गैस्ट्रो-फैरैन्जीयल न्यूरैल्जिया, ईगलसिन्ड्रोम, इन्टरकॉस्टल न्यूरैल्जिया, पैरिस्थेसिया। मात्रा: तीव्र पीड़ा में १० से २ चम्मच पानी में १५ से ३० मिनट के अन्तर से। दर्द की पुनरावृत्ति रोकने के लिए १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में भोजन से पहले दिन में ३ बार लम्बे समय तक लें अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ३१ पोस्ट-हर्पेटिक न्यूरैल्जिया ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. जलन, चुनचुनी के साथ हर्पीज। परिचय: हर्पीज जॉस्टर जिसे शिन्गल्स या जोना के नाम से भी जाना जाता है एक वायरल रोग है। हर्पीज के चारित्रिक लक्षण हैं दर्द और जलन के साथ फफोले वाला उदभेद जो शरीर के एक ओर किसी तन्त्रिका विशेष के क्षेत्र में होता है। उसमें खुजली भी होती है। घटक: कैमोमिला ३एक्स, केलियम कार्बोनिकम ३एक्स, कैल्मिया लौटिफोलिया १एक्स, कॉस्टिकम ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: हर्पेटिक न्यूरैल्जिया, खुजली, जलन, चुनचुनी और प्रभावित स्थान का सुन्नपन। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में २ से ३ घण्टा के अन्तर से अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ३२ रीनल पेन ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. वृक्क (गुर्दे) से सम्बन्धित दर्द। परिचय: रीनल पेन एक प्रकार का कॉलिक दर्द है जो प्रमुख रूप से मूत्र पथरी के कारण होता है। यह दर्द पीठ से उदर तक कोख से कूल्हे और उरु मूल (ग्रॉइन) तक फैलता है। दर्द अक्सर लहरों में आता है। घटक: बर्बेरिस वल्गेरिस क्यू, एकोनाइटम नेपेलस ६एक्स, लाइकोपोडियम क्लैवेटम ३एक्स, कैन्थरिस २एक्स, सारसा परीला २एक्स, रुबिया टिंक्टोरम ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: वृक्क और मूत्र नली (यूरेथ्रा) की पथरी। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में दिन में ३ से ४ बार। तरुण दशा में: १० बूँद २ चम्मच पानी में। घण्टा के अन्तर पर कुछ राहत मिलने पर २ घण्टा के अन्तर पर अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ३३ स्किन ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. चर्म की पूर्ण सुरक्षा के लिए। परिचय: चर्म के रोग एलर्जी, प्रदाहक पदार्थों, संक्रमण और ऑटो इम्यून विकार आदि के कारण होते हैं। ये अक्सर खुजली युक्त उदभेदों, कील (एक्नि), दाद, चकत्ते, दिदोरे (पित्ती) और सोरायसिस आदि के रूप में प्रकट होते हैं। घटक: ग्रेफाइट्स ३एक्स, स्कूकम चक एक्वा ३एक्स, एन्थ्राको काली २एक्स, पेट्रोलियम ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: तरुण और जीर्ण दाद, फुन्सियाँ हर्पीज, चकत्ते, लाइकन प्लैनस पित्त के लिए। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में भोजन से पहले दिन में ३ बार अथवा चिकित्सक की जैसी राय हो।
डब्लू एल – ३४ स्टॉमक ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. आक्षेपरोधक एवं शान्ति दायक। परिचय: संक्रमण, प्रदाहरोधक दवाएँ, शराब आदि से उदर प्रदाह होता है जो मितली, उलटी, डकार, अफरा, आसानी से तृप्ति और भूख की कमी से लक्षित होता है। घटक: कार्बो वेजिटेबिलिस ३एक्स, चेलिडोनियम मेजस २एक्स, कैमोमिला ३एक्स, एनाकार्डियम ओरियेण्टेल ३एक्स, जेन्शियाना ल्यूटिया १एक्स, ऐट्रोपिनम सल्फ ३एक्स, लाइकोपोडियम क्लैवेटम ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: अम्लता, छाती जलना, मितली, उल्टी, भूख की कमी। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में भोजन से पहले दिन में ३ बार अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ३५ स्टुडेण्ट्स कम्प्यूटर एण्ड मोबाइल फोन हेडएक ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. आँखों के श्रम से सिरदर्द को राहत के लिए। परिचय: कम्प्यूटर, मोबाइल और टेबलेट का उपयोग आँखों में अत्यधिक तनाव, आँखों से पानी चलना, धुन्धली दॄष्टि, मस्तक का दर्द तथा रेडिएशन सम्बन्धी स्वास्थ्य के विकार पैदा कर सकता है। घटक: एपिफैगस वर्जिनियाना १एक्स, रुटा ग्रेवियोलेन्स ३एक्स, नेट्रम म्यूरियेटिकम ३एक्स, फॉस्फोरिकम एसिडम ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: खुश्क आँखे, धुन्धली दॄष्टि, मस्तक का दर्द, नींद के विकार, एकाग्रता की कमी, स्मृति विकार, चिड़चिड़ापन आदि। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में दिन में ३ बार अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ३६ सायटिका एण्ड स्लिप डिस्क ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. साइटिका, विकृत संवेदना और टाँगों की झन-झनाहट परिचय: स्लिप डिस्क, हर्निया चोट आदि के कारण क्षोभ, दबाव या प्रदाह के कारण सायटिक नाड़ी के दर्द को सायटिका कहते हैं। यह दर्द जलन, सुन्नपन और चुनचुनी के साथ शुरू होकर जाँघ के पिछले भाग से घुटने से नीचे तक फैलता है। घटक: एकोनाइट नेपेलस ६एक्स, आर्सेनिकम एल्बम ६एक्स, कोलोसिन्थिस एक्स, नैफेलियम एक्स, मैग्नेशियम फॉस्फोरिका एक्स, केलि आयोडेटम एक्स, टैल्यूरियम एक्स. क्रिया क्षेत्र: सायटिका, स्लिपडिक्स, चोट जनित पेरिफेरल न्यूरोपैथी, कटि का ट्यूमर, डायरिबटिक नैनो-न्यूरोपैथी में उपयोगी। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में १५ से ३० मिनट के अन्तर से अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ३७ साइनुसाइटिस ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. नजले और साइनुसाइटिस के लिए। परिचय: पैरानेजल साइनस का तरुण एवं जीर्ण प्रदाह। इसके साथ बेचैनी, हल्का ज्वर, सिरदर्द, आँखों के पीछे दर्द तथा नाक से स्त्राव होता है। कुछ मामलों में चेहरे का प्रदाहित साइनस वाला भाग सूजा हुआ प्रतीत हो सकता है। घटक: आर्सेनिकम एल्बम ३एक्स, फेरम फॉस्फोरिकम ३एक्स, हाइड्रास्टिस कैनेडेन्सिस १एक्स, केलि बाइक्रोमिकम ३एक्स, पल्सेटिया नाईग्रिकैन्स ३एक्स, एकोनाइटम नेपेलस ६एक्स, मर्कुरियस ३एक्स, बेलेडोना ३एक्स, केलि आयोडेटम ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: साइनुसाइटिस, नाक और मैक्सिलरी साइनस का तरुण एवं जीर्ण नजला। पॉलिपस बन जाना। स्वाद और गन्ध की कमी। नाक में पीछे की ओर नजला टपकना। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में दिन में ३ से ४ बार। तरुण दशा में: १० बूँद २ चम्मच पानी में १ से २ घण्टे के अन्तर से अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ३८ थायरायड बैलेन्स ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. थायरायड को सहायता और उद्वीपित करने के लिए। परिचय: थायरायड हार्मोन्स अधिक सेवन से या थायरायड ग्रन्थि द्वारा थायरायड हार्मोन्स अधिक उत्पन्न करने/कम उत्पन्न करने के कारण हाइपरथायरायडिज्म / हाइपोथायरायडिज्म रोग हो जाता है। हाइपरथायरायडिज्म में नाड़ी तेज चलना वजन में कमी होते जाना, अत्यधिक पसीना आना और चेहरे की तमतमाहट तथा हाइपोथायरायडिज्म में नाड़ी धीमे चलना, वजन का बढ़ते जाना थकान और नींद आना लक्षण होते है। घटक: कैल्केरिया कार्बोनिका ३एक्स, फ्यूकस वेसिकुल्लोसस २एक्स, स्पॉन्जिया टोस्टा ३एक्स, बैराइटा कार्बोनिका ३एक्स, आयोडियम ३एक्स. मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में दिन में ३ बार या जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ३९ टॉन्सिलाइटिस ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. टॉन्सिल फूल जाना और गले की खराश के लिए। परिचय: लाली, प्रदाह, धपधपाहट का दर्द, निगलने में कठिनाई के साथ टॉन्सिल प्रदाह। अलिजिह्वा बढ़ जाना। कानों और जबड़े के नीचे ग्रन्थियों का बढ़ जाना। कभी-कभी बच्चों में ज्वर भी। घटक: बेलेडोना ३एक्स, ऐलेन्थस ग्लैण्डुलोसा १एक्स, केलियम परक्लोरिकम ३एक्स, कैल्केरिया कार्बोनिका ३एक्स, फाइटोलैका बेरीज १एक्स, बैराइटा म्यूरियेटिकम ६एक्स. क्रिया क्षेत्र: गले की खराश, बदन दर्द, ज्वर, नाक में रक्त संकुलता और सिर दर्द। टॉन्सिल पर पीले, सफेद धब्बे, लिम्फनोड सूजी हुई, क्विन्सी। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में दिन में ३ बार। बच्चा: ८ से १० बूँद २ चम्मच पानी में दिन में ३ बार अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ४० वेरिकोज वेन ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. वेरिकोज (नसों का फूल जाना) वेरिकोज के कष्ट। परिचय: सामान्यतः पिण्डलियों और टाँगों के पीछे की ओर की नसों के फूल जाने को वेरिकाज वेन्स कहते हैं। वे मुड़ी हुई नीले या बैगनी रंग की बाहर को उभरी हुई दिखती हैं। कभी-कभी खुजली और दाद के साथ। घटक: इसकुलस हिप्पोकास्टेनम १एक्स, बेलेडोना ३एक्स, कैल्केरिया फ्लोरिका ३एक्स, कार्डुअस मेरियेनस २एक्स, हेमामेलिस वर्जिनिका १एक्स, सल्फर ३एक्स, सीकेलि कार्नुटम ३एक्स, एसिडम फ्लुओरिकम ३एक्स, जिंकम मेटालिकम ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: वेरिकोज एक्जिमा, वीनस स्टैसिस। मात्रा: १० से १५ बूँद-२ चम्मच पानी में भोजन से पहले दिन में ३ बार अथवा चिकित्सक की जैसी राय हो।
डब्लू एल – ४१ वर्टिगो ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. कान के आन्तरिक संतुलन में और घुमरी में सहायक। परिचय: घुमरी स्वयं के अथवा अपने चारों ओर की वस्तुओं के घूमने की अनुभूति को कहते हैं। घुमरी के साथ मितली, उलटी और खड़े होने या चलने में कठिनाई जुड़ी होती हैं। घटक: कोनियम मैकुलेटम ६एक्स, थेरिडियन कुरासाविकम ३एक्स, ग्रैनेटम १एक्स, जेल्सेमियम सेम्परविरेन्स ३एक्स, पल्सेटिला नाइग्रिकैन ३एक्स, कॉक्युलस इण्डिकस ३एक्स, आर्जेण्टम नाइट्रिकम ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: मेनियर्स रोग। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में भोजन से पहले ३ बार अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ४२ वर्म ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. आँतों के उदिभज्जात के प्राकृतिक सन्तुलन को बनाये रखने में सहायक परिचय: अस्वास्थ्य कर आदतों के कारण हमारे दैनिक जीवन में कृमि की समस्या सामान्य है। सूत्र कृमि, गोल कृमि समान्यतः देखने को मिलते हैं साथ हुकवर्म भी। घटक: आर्टिमीसिया वल्गेरिस १एक्स, सिना मैरिटिमा २एक्स, फिलिक्स मास २एक्स, ग्रेफाइट्स ३एक्स, चेलोन ग्लाबरा २एक्स, चेनोपोडियम एन्थेल्मिन्टिकम ३एक्स, ट्युक्रियम मेरम वेरम एक्स. क्रिया क्षेत्र: पाचन को बढ़ाती है, कृमि को निकालती है। वजन बढ़ाने में सहायता करती है और कष्टकर लक्षणों को दूर करती है। गुदा में खुजली, दाँत किट किटाना, मीठे की अधिक इच्छा। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में भोजन से पहले २ या ३ बार नित्य या जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल -४३ ऑस्टियोपोरोसिस ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. अस्थियों की मजबूती के लिए। परिचय: ऑस्टियोपोरोसिस अस्थियों का लगातार बढ़ते जाने वाला ऐसा रोग है जिसका चारित्रिक लक्षण है अस्थिमज्जा और अस्थियों के घनत्व में कमी हो जाना, जिससे अस्थि भंग की संभावना बढ़ जाती हैं। घटक: फ्लोरिकम एसिडम ६एक्स, कैल्केरिया फ्लोरिकम ३एक्स, आसाफिटीडा २एक्स, कैल्केरिया फॉस्फोरिका ३एक्स, गरुटा ग्रेवियोलेन्स २एक्स, कॉर्टिसोन ६एक्स, फॉस्फोरिकम एसिडम ३एक्स, साइलीशिया ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: अस्थियों को मजबूत करती है और बढ़ती उम्र के साथ अस्थि भंग की संभावना को कम करती है। अस्थियों का घनत्व कम होने पर उपयोगी। रजोनिवृत्ति के बाद अस्थिभंगुरता के लिए। मात्रा: १० से १५ बूँद २ चम्मच पानी में भोजन से पहले दिन में २ या ३ बार अथवा जैसी चिकित्सक की राय हो।
डब्लू एल – ४४ टरुमा और इंजयूरी ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. हर प्रकार की गुम चोट व घाव के लिये। परिचय: गुमचोट एवं घाव से होने वाली बाहरी हिंसा, अचानक गुमचोट घटित होना। एक समय में तीव्र गति से क्षति या घाव होना। घटक: अर्निका २००, हाईपरकम २००, बेलिस परनीस २००, रुटा २००, कैलेण्डुला २००, लीडम २००. क्रिया क्षेत्र: हर प्रकार की गुम चोट व घाव में प्रथम चिकित्सा, पुरानी तथा बाद की शल्य चिकित्सा देखभाल, मोच, जोड़ो के दर्द तथा नसों के दर्द, हड्डियो के टूटने पर मरम्मत, दुर्घटना तथा सदमे में राहत देता है। मात्रा: १० से १५ बूँद थोड़े से पानी के साथ दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक के परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ४५ एंटी स्नोरिंग ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. खर्राटों से होने वाली हर प्रकार की बाधा के लिये। परिचय: खर्राटों से होने काली सांस में कम्पन तथा उसके परिणाम से सोने में होने वाली हर प्रकार की अनिमियत बाधा। घटक: लेक केनिनम – ३० सी, हिपो जेकेनिम – ३० सी, कैलक कार्ब – ३० सी, कारल्सबैड – ३० सी, एराफिस न्यूरन्स – ३० सी, चायना – ३० सी, सिलिका – ३० सी, क्रिया क्षेत्र: खर्राटों तथा इसके कारण गले में लगातार होने वाली कम्पन को कम करके स्वस्थ सांसे देता है। इस प्रकार आप और आपके साथी की शान्तिपूर्वक नींद में सहायक है। मात्रा: १० से १५ बूँद थोड़े से पानी के साथ दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक के परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ४६ इन्सोफिलिया ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. नाक, गले फेकड़ो और त्वचा की एलर्जी में राहत परिचय: इओसिमोफिलिया प्रतिरक्षा प्रणाली में २ भूमिकाओं को निभाता है। (१) विदेशी पदार्थ को नष्ट करता है जो संक्रमण से संबधित है।    (२) सूजन, बीमारी को अलग-थलग करने तथा नियंत्रित करने में लाभदायक भूमिका निभाता है। घटक: एपिस मेलीफिका-३०, आर्सेनिकम एलबम-३०, ब्रोमियम-३०, लोडियम-३०, नैट्रम आर्सेनिकम-३०, थायरोडिनम-३०. क्रिया क्षेत्र: इओसिमोफिलिया के लक्षणो जैसे खाँसी, कफ बनना, खुजली, त्वचा एलर्जी चकत्ते उठना, दवा एलर्जी, फेकड़ों में होने वाली एलर्जी आदि से आराम दिलाती है। मात्रा: १० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ४७ टाइफाईड ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. आंत्रज्वर (टाइफाइड) को नियंत्रित करता है। परिचय: टाइफाइड साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया के कारण होता है दूषित भोजन या पानी में बैक्टीरिया, पीने व खाने से अनुबंधित है। घटक: बपतिसा टिनक्टोरिया २एक्स, ब्रोनिया एल्ब २एक्स, यूकेल्पिटिष ग्लोबुल्स क्यू, जेलसिमियम सेम्परविरेन्स ६सी, लिकोपोडियम क्लावेटम ३०. क्रिया क्षेत्र: आंत्रज्वर से होने वाले सिरदर्द, कम भूख लगना, सुस्ती, अतिसार, दस्त, बालो का गिरना, सीने का संकुचन आदि लक्षणों को कम करता है। मात्रा: १० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ४८ गर्भाशय तन्तुमय वृद्धि ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. गर्भाशय में होने वाली नई तन्तु वृद्धि में राहत के लिए। परिचय: गर्भाशय रेशेदार म्योमा एक मुलायम पेशी ट्यूमर है ज्यादातर महिलाओं मे इसके लक्षण दर्द व अधिक रक्तस्त्राव है। घटक: कैल्केरिया फ्लोरिकम ३एक्स, कोनियम मैकुलेटम ३सी, इलैटरियम ३०, हाइड्रासटिष कैनाडेनसिस २००, थुजा ओसिडेन्टेलिस ३०, थारोडिनम ३०. क्रिया क्षेत्र: श्रोणि, मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द, अधिक रक्तस्त्राव को नियंत्रण करने तथा उदर या पेट के नीचे वाले भाग में ऐठन, सूजन, मैथून के समय होने वाले दर्द में आराम दिलाती है। मात्रा:  १० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ४९ मस्से ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. मस्सा त्वचा वृद्धि में राहत के लिए। परिचय: मस्सा त्वचा वृद्धि है जिसका कारण मानव पेपिलोमा वायरस (एच.पी.वी) नैदानिक रूपो में शामिल है, फलैट मस्सा, तल का मस्सा, जननाग मस्सा, कुटकी मस्सा, खुरदार मस्सा, तंतुरूप मस्सा। घटक: एन्टीमोनियम क्रुडम २००, कैल्केरिया फ्लोरिकम ३एक्स, सिस्टस कैनाडेन्सिस २००, मेजेरेयम २००, थुजा ओसिडेन्टेलिस ३एक्स. क्रिया क्षेत्र: मस्सा (त्वचा वृद्धि) में प्रतिरोधक प्रणाली को बढाकर वायरस (संक्रमण) को नष्ट करता है। मात्रा: १० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ५० प्सोरायसिस ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. खुजली, लाली, चक्कत्ते  सन्धिशोथ निवारक। परिचय: लंबे समय तक चलने स्व-प्रतिरक्षित बीमारियों से असमान्य त्वचा में धब्बे हो जाते है इस त्वचा के धब्बे आमतौर पर लाल, खुजलीदार और पपडीदार होते है। घटक: टारसेनिकम एल्बम ३०, ऐसटरिअस रूबेन्स ३०, बोरेक्स ३०, कोरालेयम रुब्रम ३०, क्यूप्रम एसेटिकम ३०, हेपर सल्फर २००, थाइरोडिनम ३०. क्रिया क्षेत्र: लम्बे समय तक रहने वाली स्वप्रतिरोधी बीमारी जिसमें त्वचा में होने वाले विषल्कन, खुजली, चकत्ते, लालिमा को कम करने तथा खाज रोग जैसे लक्षणों में सुधार करता है। मात्रा: १० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ५१ कोलेस्ट्रॉल ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. लाइपो प्रोटीन को नियंत्रित करने के लिए। परिचय: कोलेस्ट्रॉल एक वैली पदार्थ लाइनर जो हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए उपयोगी है के द्वारा बनाई गई है, लेकिन कोलेस्ट्रॉल के अतिरिक्त यह हृदय रक्त संचारित करने के लिए कार्य कर रही धमनी की दीवारो की परतों के बीच पटिका बना सकते है। घटक: कारडस मेरियानस क्यू, फूक्स वेसिक्योलोसस क्यू, गुआटैरिया गौमेरी क्यू, लाइकोपोडियम क्लावेटम २००. क्रिया क्षेत्र: कम धनत्व लाइपो प्रोटिन को कम करती है तथा उच्च धनत्व लाइपो प्रोटीन को बढ़ाने में सहायक हैं। मात्रा: १० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ५२ डिम्बारायी कोशिका ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. एस्ट्रोजन को नियमित कर तथा डिम्बग्रन्थि पुटी के लक्षणों को कम करना। परिचय: डिम्बग्रन्थि पुटी तरल पदार्थ भरा एक अंडाशय है, डिम्बग्रन्थि पुटी के लक्षण सेक्स के दोरान दर्द, स्तन कोमलता, पीठ में दर्द, दर्दनाक मल त्याग, उल्टी मतली शामिल है। घटक: एपईस मेलिफेका ३०, कैली ब्रोमेटम ३०, लैसेन्स ३०, ओविनिन ३०, थुजा ओसिडेन्टेलिस ३०. क्रिया क्षेत्र: येस्टोजिन (डिम्बग्रन्थि द्वारा उत्पन्न एक स्त्री लिंग हार्मोन) चक्र को विनियमित कर गर्भाशय में दबाव के कारण उत्पन्न होने वाली बीमारी के लक्षणों को कम करने में तथा उसके आसपास के अंगो की जलन तथा जटिलताओं से बचाता है। मात्रा: १० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ५३ हाईड्रोसील ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. वृषकोष अथवा जल वृषण में होने वाली जटिलताओं से राहत के लिए। परिचय: एक / दोनो वृषण कमर क्षेत्र पर अंडकोष की थैली में चारो ओर पानी को दर्द रहित बनाना। घटक: एपईस मेलिफेका ३०, ग्रेफाइटस ३०, लोडियम ३०, सल्फर ३०. क्रिया क्षेत्र: यदि छोटी होम्योपैथिक दवा थैली से पानी को अवशोषित कर होने वाली जटिलताओं जैसे रगड़ लगना, थैली का फटना, हर्निया से ग्रस्त थैली को चोट आदि लगने से बचाने में सहायक हैं। मात्रा: १० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ५४ गठिया ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. जोड़ो की विकृति से राहत के लिए। परिचय: गाउट कुछ भी नही है लेकिन यूरिक एसिड और अन्य प्यूरीन उत्पादों की वृद्धि से गठिया पर होने वाला हमला है। घटक: एपिगेइया रिनेन्स ३एक्स, फ्रानसीसिया युनिफ्लोरा फरैक्सिनस एक्सीलसिर क्यू, लिक्तेयोल्म ६एक्स, लाइकोपोडियम क्लावेटम २००. क्रिया क्षेत्र: यह मुख्यतः पैर के अंगूठे की आवर्तक सूजन को कम करने में मदद करता है तथा जोड़ो की विकृति को रोकता है। मात्रा: १० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ५५ डायरिया और ऐंठन ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. डायरिया तथा ऐंठन व उससे सम्बन्धित परेशानियों के लिए। परिचय: डायरिया गन्दा पानी वायरल, बैक्टीरिया संक्रमण या विषाक्त भोजन के परिणाम से संबंधित है। घटक: अच्यरैन्थिस ऐसपेरा क्यू,औलिएम सैतिवम क्यू, एलोय सोकोटररिना १२एक्स, एन्ड्राग्रेफिस पैनिकुलेटा क्यू, एग्ले मारमिलुस क्यू, एटइस्टा इन्डिका क्यू, कप्रम आर्सेनिकोसम १२एक्स, नक्स वोमिका ३एक्स, पोडोफिलियम पेल्टाटम १२एक्स, थाइरोइडियम ३०. क्रिया क्षेत्र: यह मल के लगातार आने जिससे निर्जलीकरण को रोकने के लिए ऐढन  और अन्य उदर असुविधाएँ को रोकने में मदद करता है। मात्रा: १० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ५६ रक्त शोधन ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. रक्त शोधन तथा प्रतिरक्षण प्रणाली को बढ़ाने में सहायक। परिचय: रक्त शोधक प्राकृतिक पदार्थ है, रक्त शुद्ध से ऐसे श्वसन, जुकाम, गले में खराष, पाचन समस्याओं, सौंदर्य और त्वचा से संबन्धित जैसे मुँहासे एक्जिमा और लाइनर डेटोक्सिफिकेशन की तरह कई समस्याओं का इलाज करने की क्षमता होती है। घटक: एथिबोप्स मरकुरिएलिस माइनरेलिस ३एक्स, बुल्युमिया ओडोरेटा क्यू, इचिनेशिया ऐन्गस्टीफोलिया क्यू, इम्बेलिया रिब्स क्यू, हेमिडेस्मस इन्डिका क्यू, सारसापारीला क्यू, टरमिनालिया अर्जुना क्यू। क्रिया क्षेत्र: रक्त शोधक वे प्राकृतिक पदार्थ है। जो रक्त को शुद्ध करते हैं और श्वास के इन्फैक्शन, ठण्ड लगना, गले में खराश, पाचन की समस्या, सौंदर्य व त्वचा की समस्या जैसे मस्से, कील, दाद और त्वचा को अन्य बीमारियों को ठीक करने में सहायक हैं। मात्रा:१० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ५७ एन्टी फन्गल ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. कवकों द्वारा होने वाले रोगों को दूर करता है। परिचय: कवकता पैरो, रिंग वार्म, कैडिडिआसिस के रूप में आम बीमारियाँ जो हमारे व्यवहार में देखी जाती है। घटक: बशीलीनम पुलमु १२सी, चेरेसारोबिनियम ३एक्स, थुजा ओसिडेन्टेलिस ३एक्स, टुरुला सेरिविसिया १एक्स. क्रिया क्षेत्र: त्वचा में होने वाली लाली को कम करने तथा में त्वचा को काला पडने तथा जलन से बचाने में सहायक है। मात्रा: १० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ५८ डेंगू ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. डेंगू संबन्धित लक्षणों से राहत के लिए परिचय: डेंगू पैदा हुए उष्णकटिबंधीय मच्छर डेंगू वायरस के कारण होती है। लक्षण तेज बुखार, सिर दर्द, उल्टी, माँसपेशियां और जोडों में दर्द और त्वचा में चकत्ते होना। घटक: बपतिसा टिनक्टोरिया ६सी, युपैटोरियम परफोलिएटम क्यू, बपतिसा टिनक्टोरिया २एक्स, जेल्सीमियम सेम्परविरेन्सक्यू, इपिकैकुआना ३एक्स, रस टोसि कोडेंड्रॉन क्यू, रस वेनिनेटा ३०सी, एल्कोहोलिक कन्टेन। क्रिया क्षेत्र: बुखार, शरीर में दर्द, जोडो में दर्द, सिरदर्द डेंगू बुखार जैसे लक्षणों को हटाने तथा थ्रोम्बोसाइटोपेनिया जैसी जटिलताओं को रोकने में सहायक है। मात्रा: १० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ५९ पायरिया ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. दंत समस्याओं से राहत के लिए। परिचय: आम दांत समस्या दांत सॉकेट, व्यापक रूप से प्रचलित। जिसके कारण सूक्ष्म जीव, मसूडों की दुर्गन्ध, खून बहना, फोडा आदि होते है। घटक: कैल्केरिया रेनालिस १एक्स, एमिटिनम ६सी, हेपर सल्फर १एक्स, फॉस्फोरस ३एक्स, ओसिडेन्टेलिस ६सी. क्रिया क्षेत्र: दाँतों में होने वाले रक्तस्त्राव, मसूड़ो के दर्द, साँस में होने वाली दुर्गन्ध इन सभी लक्षणों को दूर करने में सहायक है। मात्रा: १० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।
डब्लू एल – ६० शरीर प्रतिरक्षाप्रणाली ड्रॉप्स प्रस्तुति: ३० मि.ली. शारीरिक प्रतिरक्षाप्रणाली बढ़ाने में सहायक। परिचय: प्रतिरक्षण एक रोगजनक संक्रमण का विरोध करने की क्षमता है। घटक: कोरटिसोन १एक्स, करकुमा लौंगा क्यू, इचिनेशिया  ऐन्गस्टीफोलिया क्यू, प्सोरिनम १एक्स, युरैनियम निटरिक्म १एक्स. क्रिया क्षेत्र: यह सी.डी-४  कोशिकाओं की संख्या को बढाकर अस्थिमज्जा को स्वस्थ रखता है और लसीका कोशिका में सुधार कर बेहतर बनाता है। मात्रा: १० से १५ बूंदे, थोडे से पानी के साथ, दिन में ४ से ५ बार या चिकित्सक परामर्श के अनुसार।

 

व्हिजल होमियोपैथी स्किन केयर और हेयर केयर रेंज

कैलेंडुला नेक्टार पावडर (कांटेदार गर्मी उपचार के लिए) प्रस्तुति: १५० ग्राम, ३०० ग्राम  लक्षण: त्वचा की गर्मी को शांत कर ठंडा प्रभाव डालता हैं। यह चुभती गर्मी में घमोरी व गर्मी से पडने वाले चकत्तों के साथ जलन व त्वचा की खुजली को दूर करता हैं और धोबी खुजली (दाद) और खिलाडियों के पैर में होने वाले खाज के लिये भी उपयोगी हैं। पसीने को सोखकर त्वचा को सूखा रख सारे दिन तरो ताजा रखता है। घटक: कैलेंडुला क्यू, अर्निका क्यू, कैन्थरिस क्यू, बर्बेरिस एक्व.क्यू, हेपर सल्फ ३एक्स, एसिड बोरिकम २एक्स, जिंक ऑक्सीडाटम २एक्स, तालक पुरिफाइड आय.पी. उपयोग: रोगग्रस्त भाग को साफ कर वहा छिड़कें।
कैलेंडुला बेबी पावडर (बच्चों के त्वचा संरक्षण के लिए) १५० ग्राम  लक्षण: बच्चों की त्वचा की कोमलता की सुरक्षा करता हैं एवं त्वचा में होने वाली जलन में आराम देता है। घटक: कैलेंडुला एक्सट्रेक्ट १एक्स, अर्निका एक्सट्रेक्ट १एक्स, बर्बेरिस एक्विफोलियम १एक्स, लीडम १एक्स, आयोडियम १एक्स, बोरिक एसिड २एक्स, कैन्थरिस १एक्स, हायड्रास्टिस १एक्स, एचिनासिया १एक्स. उपयोग: पसीना निकलने वाली जगहों पर दिन में १ या २ बार लगाये विशेषकर नहाने के बाद या चिकित्सक की सलाह से।
कैलेंडुला ड्रेसिंग पावडर (बर्न्स, घावों, सोरेस और अल्सर के लिए) १०० ग्राम लक्षण: एक श्रेष्ठ होम्योपैथिक ड्रेसिंग पावडर है। यह घाव को जल्दी भरता है और खुले घाव को भी सुखाता है। न भरने वाले पीड़ायुक्त घाव तथा अल्सर को शीघ्रता से ठीक करता है। खुजली और एक्जीमा के कारण अत्यधिक पसीना निकलने तथा जलन और झुलसने वाली त्वचा को भी शीघ्रता से ठीक करता है। घटक: कैलेंडुला क्यू, अर्निका क्यू, कैन्थरिस क्यू, एसिडम  बोरिकम २एक्स और जिंक ऑक्सीडाटम २एक्स. उपयोग: ग्रसित भाग पर ड्रेसिंग पावडर लगा कर पट्टी बांधे या चिकित्सक की सलाह के अनुसार।
अर्निका हेयर ऑइल (चमकदार बालों के लिए) प्रस्तुति: १०० एमएल, २०० एमएल, ५००  एमएल लक्षण: रुसी, बाल गिरना और जल्दी बाल सफेद होने में उपयोगी। घटक: चाइना क्यू, जाबोरंडी क्यू, अर्निका क्यू, कैन्थरिस क्यू, ब्राह्मी क्यू। उपयोग: दिन में २ बार लगाये या चिकित्सक के परामर्श अनुसार।
जाबोरंडी हेयर ट्रीटमेंट ऑइल (पूर्ण बालों की देखभाल के लिए) प्रस्तुति: ११० एमएल, ४५० एमएल, लक्षण: बाल गिरना, रुसी और असमय बाल सफेद होने में उपयोगी। घटक:  जाबोरंडी क्यू, ब्राह्मी क्यू, विजबाड़ें ६एक्स, कैन्थरिस क्यू, अर्निका क्यू। उपयोग: सिर पर हल्के हाथ से दिन में २ बार मालिश करें या चिकित्सक के परामर्श अनुसार।
अर्निका शैम्पू (रेशमी, मुलायम और प्रबंधनीय बाल के लिए) प्रस्तुति: १०० एमएल, २०० एमएल, ५०० एमएल, ८ एमएल पाउच  लक्षण: बाल गिरना, रुसी और असमय बाल सफेद होने में उपयोगी। घटक: व्हीजल अर्निका शैम्पू को अर्निका, जाबोरांडी और चाइना के होमियो अर्क से तैयार किया गया है। उपयोग: १ चम्मच भरा हुआ भरपूर झाग के लिए काफी है। गीले बालों में लगायें। झाग बनाये और धो दें। आपके बाल स्वस्थ चमकीले व सुलझे हो जायेंगें।
हेक्ला लावा वित कैलेंडुला (चिकित्सकीय देखभाल टूथ पावडर) प्रस्तुति: १०० ग्राम  लक्षण: मसूड़ों से खून आना, दाँत दर्द, दाँतों में सड़न, स्नायुशूल संबंधी दर्द, पॉयरिया। घटक: प्लाण्टागो क्यू, कैलेंडुला क्यू, कैल्केरिया फॉस ३एक्स, अजाडिराक्टा इण्डिका क्यू, स्टाफीसागरिया क्यू, क्रोसोटे क्यू,  कैल्केरिया कार्ब ३एक्स, हेक्ला लावा ३एक्स, कैल्केरिया फ्लोर ३एक्स, मर्क. कोर ३एक्स. उपयोग: हर भोजन के बाद दाँत पर मंजन लगाकर साफ करें।
स्केबॉइल (खुजली और त्वचा की समस्याओं के लिए) प्रस्तुति: ६० एमएल, ४५० एमएल  लक्षण: विभिन्न प्रकार के संक्रामक चर्मरोग जैसे स्कैबीज, खुजली व चक्राकार दाद आदि में उपयोगी है। यह बार-बार होने वाले फोड़ों, विषैले पौधों के कारण होने वाली जलन के उपचार में भी सहायक है। घटक: फीटोलाक्का क्यू, सल्फर क्यू, अजा. इण्डिका क्यू, एचिनासिया क्यू। उपयोग: त्वचा को धोने के पश्चात इस तेल को ग्रसित हिस्से पर लगायें और इस क्रिया को दिन में २ बार या ५ दिन तक दोहराये या चिकित्सक के परामर्श अनुसार।
कैलेंडुला नेक्टार क्रीम (बहुउद्देशीय एंटीसेप्टिक क्रीम) प्रस्तुति: २५ ग्राम लक्षण: मुहाँसे, दाने, एक्ने, घाव का निशान, धब्बे और जलने के निशान, सर्दी के कारण त्वचा का फटना, सुखी त्वचा, निप्पल पर दरार और बिवाइयों को ठीक करने में उपयोगी है। घटक: कैलेंडुला क्यू, थूजा ऑक्सिडेंटलिस क्यू, लीडम क्यू, कैन्थरिस क्यू, बर्बेरिस एक्वी।क्यू, जिंक ऑक्सीडाटम  १एक्स, ग्राफिट्स ३एक्स. उपयोग: चिकित्सक की सलाह से।
चर्मस्किन ऑइंटमेंट (मेला और पौष्टिक त्वचा के लिए) प्रस्तुति: २५ ग्राम लक्षण: बिवाइयां, सर्दी के कारण त्वचा का फटना, निप्पल पर दरार पड़ना, खुरदुरापन, मुहाँसें, दाने, एक्ने-घाव का चिन्ह धुप से जली त्वचा आदि धब्बो में उपयोगी। घटक: थूजा ऑक्सिडेंटलिस क्यू, लीडम क्यू, कैन्थरिस क्यू, बर्बेरिस एक्वी. क्यू, अर्निका क्यू, जिंक ऑक्सीडाटम १एक्स, ग्राफिट्स ३एक्स. उपयोग: चिकित्सक की सलाह से।
कैलेंडुला बेबी ऑइल (आपके बच्चे की निविदा त्वचा को पोषण के लिए) प्रस्तुति: ६० एमएल, १२५ एमएल, २५० एमएल  लक्षण: यह मिनरल ऑइल, ऑलिव ऑइल और आलमंड ऑइल का सम्मिश्रण है। यह हर प्रकार की पोषक अपूर्णता को जो बच्चों की त्वचा और पेशियों में हो, जो दूर करता है यह बच्चे की थुलथुली और फूली त्वचा पर असर कारक असर डालता है। सलवटों और पेशियों की दुर्बलता को दूर करता है। घटक: ग्राउंड नट ऑइल, ऑलिव ऑइल, आलमंड ऑइल,  कैलेंडुला क्यू, ओलियम जेकोरिस क्यू, कैन्थरिस क्यू, बर्बेरिस एक्वी. क्यू, हायड्रास्टिस क्यू, एब्रोटानम क्यू. उपयोग: हल्के हाथ से मालिश करे नहाने से पहले व नहाने के बाद हल्के हाथ से थपथपाकर मालिश करे।
एम्ब्रोकेशन (स्नायु और संयुक्त दर्द के लिए) प्रस्तुति: ६० एमएल, ४५० एमएल लक्षण: माँसपेशियो या जोड़ों के कष्ट जैसे गाउट, गठिया, कमरदर्द, वातरोग, कंधे और घुटने का दर्द, साईटिका और मोच के उपचार में सहायक। माँसपेशियों में ऐंठन व स्नायुखिंचाव को कम करती है व जोडों के दर्द व जलन को कम करके दर्द में तथा जोड़ो के जुड़ जाने पर आराम पहुंचाती है। घटक: बेलाडोना क्यू, ब्रायोनिया अल्बा क्यू, अर्निका क्यू, रस टॉक्स क्यू। उपयोग: भली प्रकार हिलाकर ग्रसित हिस्से पर लगाये और हल्के हाथ से मले और ढक ले। इस क्रिया को दिन में २-३ बार दोहराये या चिकित्सक के परामर्श अनुसार।
एक्वी फोलियम ड्रॉप्स (ट्विन पॅक) (मेला कॉम्प्लेक्शन एंड स्किन पोषण के लिए) प्रस्तुति: ३० एमएल, ट्विन पॅक लक्षण: मुहांसो के छाले, झाइया और फुंसियों के लिए, एलर्जी व काले दाग होने पर और त्वचा को साफ रखने के लिए एक्विफोलियम आदर्श दवा है एवं त्वचा को आकर्षक बनाता है। घटक: (एक्सटर्नल ड्रॉप्स): बर्बेरिस एक्वी. क्यू, कैन्थरिस क्यू, थूजा क्यू, ग्राफिट्स ३एक्स. (इंटरनल ड्रॉप्स): बर्बेरिस एक्वी. ३एक्स, काली ब्रोमियम ३एक्स, सल्फ आयओडाटम ३एक्स, हायड्रोकोटैल ३एक्स. उपयोग: बाहरी: कुछ बूंदे लेकर चेहरे पर हल्के हाथो से मालिश करे। चेहरे को १ घंटे तक न धोए। आंतरिक: १०-१५ बूंदे हल्के गर्म पानी में दिन में ३ बार ले या चिकित्सक की परामर्श के अनुसार।
सबीना केलसिन ड्रॉप्स और टेबलेट्स (देखभाल और ध्यान के लिए वह आवश्यक है) प्रस्तुति: १५ एमएल ड्रॉप्स, और ५० टेबलेट्स  लक्षण: यह प्रसव को आसान तथा गर्भपात को कम करता है। यह माता की शुरूआती स्वास्थ की स्थिति को मजबूती प्रदान करता है। गर्भ में शिशु के विकास को नियमित करता है। घटक: (सबीना ड्रॉप्स): सेपिया ३एक्स, काउलोफिल्लम ३एक्स, विबरनम क्यूपी ३एक्स, सबीना ३एक्स. (कॉलसिन टेबलेट): कॉल्सियम फ्लोर ३एक्स, फेरम फॉस ३एक्स, काली फॉस ३एक्स, मैग. फॉस ३एक्स, हायड्रास्टिस क्यू, एवेना साटिवा क्यू, अल्फाल्फा क्यू. खुराक: सबीना की ५ बूंदे थोड़े से ताजे पानी में सुबह शाम ले तथा १ गोली केलसिन की प्रत्येक सबीना की बूंदे पीने के ३ घंटे पश्चात या चिकित्सक के परामर्श के अनुसार।
हाइग्रो (ट्विन पॅक) (लंबे और चमकदार बालों के लिए) प्रस्तुति: ३०एमएल, ट्विन पॅक लक्षण: सिबेसियस ग्रंथियों के बंद बालों के मुँह को खोलने को प्रोत्साहित करता है। रुसी, गोलाकार गंज, बालों का नुकीला होना, गिरना व असमय बाल सफेद होने में उपयोगी है। लक्षण: (एक्सटर्नल): चाइना एक्स क्यू, अर्निका एक्स क्यू, जाबोरंडी एक्स क्यू, कैन्थरिस एक्स क्यू, ब्राह्मी एक्स क्यू. (इंटरनल): एसिड फॉस ३एक्स, लायकोपोडियम ३एक्स, अर्स अल्ब ६एक्स, वाइसबाडेन ३एक्स, काली सल्फ ६एक्स. खुराक: बाहरी: १० से १५ बूंदे को आधा कप गुनगुने पानी में मिलाकर खोपडी पर कोमलता से मालिश करे और आधे घंटे बाद सादे पानी से धो दे या चिकित्सक के परामर्श के अनुसार। आंतरिक: ५ से १० बूंदे सादे पानी में दिन में २ बार।
गोसलिम ए और बी ड्रॉप्स (आपको स्लिम और ट्रिम करता है) प्रस्तुति: ३० एमएल, ट्विन पॅक लक्षण: शरीर में भौतिक व रासायनिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित कर वसा का निस्तार करता है। थायरायड ग्रंथि के स्त्राव आयोडीन के दोषयुक्त कार्य को नियंत्रित करता है जो की मोटापा बढ़ने का मुख्य कारण है। घटक: ‘ए’ ड्रॉप्स: फिटोलक्का बेर्री ३एक्स, अमोनियम ब्रोम ३एक्स, कॅल्शियम कार्ब ३एक्स, फोकस वेस ३एक्स, ऑक्सीग्राफिस ३एक्स. ‘बी’ ड्रॉप्स: कॉलोट्रोपिस ३एक्स, पुल्साटिल्ला ३एक्स, थायरॉइडिनम ३एक्स, आयओडियम ३एक्स. खुराक: ५ बूंदे दोनो ए और बी को थोड़े से पानी में मिलाकर १ दिन में ४-४ घंटे के अंतराल ले ३ बार में या चिकित्सक की सलाह से।

4 विचार “Wheezal Homeopathy in Hindi, व्हिजल होमियोपैथी दवाई सूची&rdquo पर;

    1. कानों में बजना (टिन्निटस)कहा जाता है और पर्यावरण से नहीं बल्कि कान की अंदरूनी हिस्से से आता है । यह एक लक्षण है और कोई विशिष्ट बीमारी नहीं है| टिनिटस के सबसे सामान्य कारणों में अत्यधिक आवृत्ति सुनवाई से नुकसान या आम दवाओं के ऊंचा स्तर या अत्यधिक मात्रा में आंतरिक कान के लिए विषाक्त हो सकता है. श्वाबे जर्मन मुलीन तेल टिन्निटस या कान में बजने की पीड़ा के लिए अच्छा है। एसबीएल मुलेलीन को भी देखा जा सकता है

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  1. आप से निवेदन है कि आप हमारी संस्था द्वारा संचालित जन जागरण चेरीटेबिल हाँस्पिटल हेतु आपने प्रोडेक्ट की जानकारी भेजिये।
    जन जागरण चेरीटेबिल हाँस्पिल बजाज शो रूम के पास नर्मदा बाई स्कूल बण्डा रोड मकरोनिया सागर म.प्र.

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