Reckeweg R8 & R9 in Hindi, डॉ.रेक्वेग होम्योपैथी खाँसी की दवा

Reckeweg R8 & R9 Medicine in Hindi, Cough Khansi ki dawa

Dr.Reckeweg R8, R9 in Hindi, Jutussin R8 Cough Syrup & R9 Cough Drops – जटसिन-डॉ.रेकवेग अर.८ खाँसी के लिए सिरप, अर.९ खाँसी के लिए ड्रॉप्स, सुरक्षित जर्मन होम्योपैथी ईलाज

SBL स्टोबल कफ सिरप हिंदी में – https://wp.me/a7JlCy-5e
अर.८ & अर.९ मूल-तत्व :
अर.८ :अमोनियम कॉस्टिकम D2, बेलाडोना D2, ब्रायोनिया D2, कैमोमिला D2, कॉकस कैक्टाई D5, कोरेलियम रुब्रम D10, क्यूप्रम ऐसिटिकम D10, ड्रोसेरा रोटंडिफोलिया D2, इपेकाकुआन्हा D3, थायमस वल्गेरिस D2, सैकारम एल्बम, सैकारम टोस्टम.

अर.९:बेलाडोना D 4, ब्रायोनिया D 3, कॉकस कैक्टाई D 6, कोरेलियम रूब्रम D 12, क्यूप्रम ऐसिटिकम D 12, ड्रोसेरा रोटंडिफोलिया D 4 इपेकाकुआन्हा D 6, स्पॉन्जिया D 6, स्टिक्टा पुल्मोनेरिया D 4, थायमस वल्गेरिसø।

संकेत : ऊपुरी वायु मार्गों के सर्दीजनित रोग, नासिका, स्वर-यंत्र एवं ग्रसनी का प्रदाह विशेषकर श्वासनलियों के प्रदाह (Bronchitis in Hindi) तथा काली खाँसी की सभी अवस्थाओं में उपयोगी । श्वासनलियों के पुराने प्रदाह(Chronic Bronchitis), श्वास दमा, क्षयरोग में खाँसी के दौरों (तपेदिक से पीड़ित) में एक प्रभावशाली कफोत्सारक या बलगम निकालने वाली औषधि ।

R8, R9 in Hindi क्रिया विधि:
अमोनियम कॉस्टिकम : प्रचुर मात्रा में ढीले श्लेष्मा के साथ ऐंठन वाली खाँसी के दौरे ।
बेलाडोना : ऐंठन वाली खाँसी के दौरे, खोखली और कूकुर खाँसी (Barking Cough in Hindi), सूखी श्लेष्मिक झिल्लियाँ ।
ब्रायोनिया : कठोर और सूखी खाँसी, साथ में छाती में पीड़ा ।
कैमोमिला : ऐंठन वाली खाँसी, नजला तथा स्वर-भंग के साथ गले में चिपचिपे श्लेष्मा का भराव, सूखी खाँसी, मुख्यतः शाम और रात को।
कॉकस कैक्टाई : ग्रसनी की श्लेष्मा-झिल्ली की अतिसंवेदनशीलता । चिपचिपा, चमचमाता बलगम निकलने के साथ मरोड़ वाली खाँसी ।
कोरेलियम रूब्रम : ऐंठन युक्त खाँसी का तेज़ दौरा पड़ने के साथ दम घुट जाने जैसी स्थिति ।
क्यूप्रम एसेटिकम: ऐंठन युक्त खाँसी, चिपचिपा श्लेष्मा, श्वास लेने में कठिनाई (dyspnea in Hindi) ।
ड्रोंसेरा रोटंडिफोलिया : ऐंठन वाली खाँसी के साथ चेहरा नीला पड़ जाना तथा घुटन, ऐंठनयुक्त दमा ।
इपेकाकुआन्हा : कंठद्वार (Glottis in Hindi) में ऐंठन के साथ सूखी श्वासरोधी खाँसी, मितली तथा वमन ।
स्पॉन्जिया : खोखली खाँसी, रात में खाँसी ।
स्टिक्टा पल्म : नाक से नीचे की ओर ग्रसनी और श्वास प्रणाली तक फैलती हुई सर्दी, तदनन्तर श्वासनलियों का प्रदाह (Bronchitis) । नाक की जड़ पर दबाव ।
थायमस वल्गेरिस : कफ निकालने की औषधि ।

र.८ & अर.९ खुराक की मात्रा :

काली खाँसी (whooping cough) : उपचार के प्रारंभ में हर एक घंटे लगातार थोड़े पानी में 10 बूँदें या एक छोटा चम्मच (5 ml) सिरप की खुराक देते रहें । प्रत्येक घंटे, एक बार कफ सिरप और दूसरी बार कफ ड्रॉप्स देना ज्यादा बेहतर होता है। रोग की गंभीरता और खाँसी के दौरों की बारंबारता कम हो जानी पर (जो समान्यतः 2-3 दिनों में होता है) दवा को प्रत्येक 2 घंटे पर लें । अविशिष्ट नजले के बाद होने वाले काली खाँसी (whooping cough) के उपचार में प्रतिदिन 4-6 बार थोड़े पानी में 10-15 बूँदें लें,अथवा एक छोटा चम्मच (5ml) सिरप लें ।

तीक्ष्ण श्वास नलियों के प्रदाह तथा स्वरयंत्र एवं ग्रसनी के प्रदाह में (laryngo-pharyngitis in Hindi): प्रत्येक 2-3 घंटे पर 10-15 बूँदें या 1 छोटा चम्मच सिरप लें ।

टिप्पणी : इंफ्लुएंजा में R 6 का भी प्रयोग करें ।

6 विचार “Reckeweg R8 & R9 in Hindi, डॉ.रेक्वेग होम्योपैथी खाँसी की दवा&rdquo पर;

Leave a reply to Abdul Rahman जवाब रद्द करें