डॉ.रेकवेग होम्योपैथी आर १ से आर ८९, Reckeweg Medicine List in Hindi

Dr.Reckeweg R1 – R89 Medicines List in Hindi

डॉ. रेकवेग होम्योपैथी के विशिष्ट दवाई/औयषधियाँ  आर १ से आर ८९ (R1 to R89)  दवाई सूची – संपूर्ण एवं सुरक्षित उपचार। डॉ. रेकवेगके उत्पाद ४० से भी ज्यादा देशों में बेचें जाते हैं।

 डॉ. रेकवेग होम्योपैथी जेर्मन सीलबंद होम्योपैतिक औषधियाँ – अब हमारे ऑनलाइन  होमियोपॅथी स्टोर ( होमियोमार्ट) में उपलब्द। भारत के किसी भी कोने से आर्डर स्वीकार करके उसे रवाना करते हैं

Reckeweg R10 Drops Hindi- आर १० बूँदें – अनियमित मासिक चक्र
नाजोनिवृत्तिकालीन तकलीफें ,अनियमित मासिक चक्र ,चेहरे पर गर्मी ,पसीने आना ,शारीरिक थकान, अवसाद, सिरदर्द, मानसिक थकान तथा उदासीनता आदि के लिए।

Reckeweg R20 Drops Hindi – आर २० बूँदें- महिलायों में ग्रांथियों के क्रियात्मक रोग
अन्तः स्त्रावी दुष्क्रिया, के क्रियात्मक रोग,बढ़ते बच्चों के विकास में बाधा ,पियूषिका ग्रांथियों
के क्रियात्मक दोष फलस्वरूप मोटापा या वजन कम होना,धेंधा रोग,स्मरणा शक्ति  मे कमी, अवसाद,हीन भावना, उदासीनता दोषपूर्ण रक्त्त प्रवाह व रक्त्त संकुलता आदि रोगों मे असरदार।

Reckeweg R28 Drops Hindi – आर २८ बूँदें – पीड़ाप्रद मासिक स्त्राव, ऋतुरोध के लिए
अत्यधिक रक्त्त स्त्राव के कारण आती दुबर्लता, गर्म अनुभूति के बाद पसीना,ऋतुस्त्राव न होना या बहुत कम होना।

Reckeweg R50 Drops Hindi – आर ५० बूँदें – स्त्रियों मे त्रिकश्रोणि सम्बन्घी रोग
त्रिकश्रोणि, रीढ़ की हडडी आदि में विभिन्न प्रकार के दर्द जो ज्यादातर पेट के रोगों के कारण होतें हैं।

Reckeweg R75 Drops Hindi – आर ७५ बूँदें – पीड़ाप्रद मासिक स्त्राव,प्रसव पीड़ा
पीड़ाप्रद मासिक, प्रसव पीड़ा तथा मरोडयुक्त्त पीड़ा ,मे असरदार। यह दवा महिलायों के प्रजनन अंगों पर असर करती हैं और पीड़ा व ऐंठन के प्रतिरोधक का काम करती है।

Reckeweg VitaC15 Hindi – वीटा सी १५ – स्नायु बलवर्धक – मानसिक थकान व अनिद्रा
अवसाद, उदासीनता, आत्महत्या की प्रवृत्ति, मन की संघर्षपूर्ण अवस्था के बाद स्नायविक थकान, स्नायविक सिरदर्द ,अनिद्रा , ऊर्जाशक्ति का आभाव तथा एकाग्रता में कमी आदि रोगों में प्रभावी।
सेवन विधि: 10-15  बूँदे थोडे से पानी में मिलाकर खाने से आधा घंटे पहले दिन में तीन बार सेवन करें। दो या दो से अधिक दवाऐं एक साथ लेते समय 15 मिनट का अंतर रखें।
वीटा -C15 : एक -एक चम्मच (10 ml ) दिन में तीन बार।

Reckeweg R25 Drops Hindi – आर २५ बूँदें – नया व पुराना प्रोस्टेट
मूत्र त्याग के दौरान तेज दर्द ,रात को बार-बार मूत्र त्याग की आवश्यकता, प्रोस्टेट की समस्या 45 वर्ष से अधिक आयु के पुरुषों मे आम पायी जाती है।

Reckeweg R41 Drops Hindi – आर ४१ बूँदें – यौन सम्बंधी व स्नायु दुर्बलता के लिए
लैगिक दुर्बलता, वीर्यपात , पुरुषों में संर्वागीण दुर्बलता ,अत्यधिक कार्य ,अत्यधिक उत्तेजना, स्नायविक दुर्बलता आदि के दुष्परिणाम।

वीटा-C15-स्नायु बलवर्धक (मानसिक थकान व अनिद्रा )
अवसाद ,उदासीनता , आत्महत्या की  प्रवृत्ति, मन की  संघर्षपूर्ण अवस्था के बाद स्नायविक थकान, स्नायविक सिरदर्द ,अनिद्रा, ऊर्जाशक्ति का आभाव तथा एकाग्रता में कमी आदि रोगों में प्रभावी।

वीटा -C15- फोर्ट- शारीरिक तथा मानसिक थकान (यौन दुर्बलता )
शारीरिक थकान,चिडचिडापन , यौन कमजोरी ,ऊर्जा का  आभाव व थकान ज्यादातर पुरुष अपने जीवन में थकान ,तनाव या मदिरा आधिक्य के कारण हर्षण विफलता का अनुभव करते हैं। हर्षण विफलता से ग्रस्त पुरुष गुस्सा ,आत्मग्लानि या तनाव का अनुभव करते हैं।  जिसके फलस्वरूप यौनरुचि खत्म हो जाती हैं। तथा पारिवारिक संबंध बिगड़ते हैं।
सेवन विधि :10-15  बूँदे थोडे से पानी में मिलाकर खाने से आधा घंटे पहले दिन में तीन बार सेवन करें। दो या दो से अधिक  दवाऐं एक साथ लेते समय 15 मिनट का अंतर रखें।
वीटा -C15 फोर्ट :- पहले 6 दिन 2 खुराक प्रतिदिन इसके बाद अगले 24 दिन एक खुराक प्रतिदिन

Reckeweg R6 Drops Hindi आर ०६ बूँदें – सर्दी ,खाँसी व बुखार के लिए
शरीर दर्द ,बुखार ,सिरदर्द ,गलकोष प्रदाह ,जुकाम तथा बैचेनी आदि लक्षण नजर आने पर शीध्र इस दवा का सेवन करना चाहिए। फ्लू आदि संक्रामक रोगों से बचाव के लिए भी आप इसका प्रयोग कर सकते है।सर्वांगीण रोग संक्रमण सहित विभिन्न अंगों खासतौर से हाथ पैरो में दर्द, अवसन्नता की अनुभूति, हल्का -हल्का किन्तु लगातार बना रहने वाला सिरदर्द तथा बैचेनी अदि में उपचारकारी।

Reckeweg R8 Cough Syrup Hindi & R9 Cough Drops R8 Hindi -खाँसी का सिरप तथा R9 -खाँसी का ड्रॉप
इनका प्रयोग नया या पुराना श्वास नलियों के प्रदाह,काली खाँसी, श्वास नलियों के दमे तथा लगातार खाँसी के दौरों में किया जाता है। ऊपरी वायु -नालियों की सर्दी, नाक, स्वरयंत्र व गलकोष का प्रदाह, खासतौर से श्वासनलियों का प्रदाह व खाँसी की प्रत्येक अवस्था। R8 का प्रयोग R9 के साथ बारी -बारी से किया जा सकता है।

Reckeweg R43Drops Hindi – आर ४३ बूँदें – दमे की औषधि
श्वास नलियों के दमे के लिए संरचनात्मक औषधि। श्वास दमा व दमाजनित  श्वसनलियो का प्रदाह। श्वास-दमा का सारभूत उपचार।

Reckeweg R45 Drops Hindi- आर ४५ बूँदें – गले की खराश ,बैठा हुआ गला
गले की खराश -जो अक्सर गायकों ,अभिनेताओं ,शिक्षकों तथा वक्ताओंको  को प्रभावित करती है। कंठनली का नजला साथ में घाव की अनुभति।

Reckeweg R48 Drops Hindi – आर ४८ बूँदें – फेफड़ों के रोग
श्वास दमा , फेफड़ों की पुरानी सर्दी ,अत्यधिक धूम्रपान के कारण होने वाली खाँसी ,फेफड़ों  की कमजोरी व फेफड़ों की टी० बी० की प्रारम्मिक अवस्था आदि में प्रभावी औषधि।

Reckeweg R49 Drops Hindi – आर ४९ बूँदें -साइनस ड्रॉप्स
नया व पुराना नजला ,साइनस का प्रदाह। बच्चों की नाक में पालीप बनना,गंध व स्वाद का लोप।

Reckeweg R84 Drops Hindi – आर ८४ – बूँदें साँस द्वारा एलर्जी
श्वास प्रक्रिया के साथ अंदर जाने वाले दूषित पदार्थो के कारण होने वाला दमा आदि रोगों के उपचार के लिए|
यह फार्मूला एलर्जी  पैदा करने वाले त्तवों  द्धारा उत्तेजित अत्यधिक रोग प्रतिरोघक क्षमता की प्रतिक्रिया के लिए प्रतिजन संवेदनहीनता प्रदान करता है। उपयोगी।सेवन विधि :- 10 -15  बुँदे थोड़े से पानी में मिलाकर  खाने से आधा घंटे पहले दिन में तीन बार सेवन करें। दो या दो से अधिक दवाऐंएक साथ लेते समय 15 मिनट का अंतर रखें।

डॉ. रेकवेग बच्चों के लिए

डॉ. रेकवेग स्नायु के लिए

R1 सूजन बुखार व टांसिल के लिए ड्रॉप्स R14 स्नायु एवं नींद के लिए
R6 सर्दी खांसी तथा बुखारलिए R16 सिर का दर्द
R31 भूक रक्त तथा पाचन शक्ति भडाती R33 मिरगी के उपचारके लिए
R35 दांत का दर्द R36 अंग कम्पन्न एवं नस नाडीयों के रोग के लिए
R52 उलटी मिताली, यात्रा रोग के लिए R42 नसों की खटोरता, फैलना व जलन के लिए
R56 पेट के कीड़े निकालने के लिए R54 मस्तिष्क के क्रियात्मक रोग तथा याददाशत
R62 खसरा श्लेष्मिक क्षिल्ली की सूजन के लिए R70 नस व नाड्यों का दर्द
R74 नींद में पेशाब करना

डॉ. रेकवेग स्त्री के लिए

डॉ. रेकवेग श्वास के लिए

R10 अनियमित मासिक चक्र R8 खासीं के लिए सिरप
R20 स्त्री ग्रन्थी रोगों के लिए ड्रॉप्स R9 खासीं के लिए ड्रॉप्स
R28 पीड़ादायक मासिक स्त्राव, ऋतुरोधके लिए R43 दमे की औषधि
R50 स्त्रीरोग एवं त्रिक श्रेणि रोगों के लिए R45 गले की ख़राश, बैठा हुआ गला
R75 काष्ठदायक मासिक धर्मके लिए R48 फैफडों के रोग
R15 मानसिक शान्ति R49 साईंनस, नाक का प्रदाह
R84 ऐलर्जी ड्रॉप्स

डॉ. रेकवेग ह्रदय के लिए

डॉ. रेकवेग जीवन शैलीके लिए

R2 ह्रदय टॉनिक (गोल्ड ड्राप्स) R14 नींद के लिए ड्राप्स
R3 वाल्व सम्बन्धी ह्रदयरोगों के लिए R16 सिर का दर्द
R44 निम्न रक्त चाप के लिए R40 मधुमेह ड्रॉप्स
R66 अनियमित ह्रदय गति के लिए R59 मोटापा रोधक
R67 रक्त संचारण की क्षीणता के लिए R89 बालों के गिरने एवं झड़ने की समस्या के लिए
R85 उच्चा रक्त चाप के लिए के लिए

डॉ. रेकवेग त्वचा के लिए

डॉ. रेकवेग हद्दीयों के लिए

R13 बवासीर के लिये R11 पीठ दर्द
R21 रक्त एवं त्वचा विकार के लिए R30 बहु उद्देशीया मरहम
R23 एक्जीमा (ऐकिजामा) ड्रॉप्स R34 पुनः कैल्सीकरणड्राप्स
R32 अत्यधिक पसीना आना R46 बाहों तथा हाथों के दर्द में
R53 मुंहासें, फुंसियां R55 सभी प्रकार की चोटों व घावोंके लिए
R60 रक्त शोधक R63 मसँपेशियों में एेंठन
R65 सोरियासिस ड्रॉप्स R69 पसलियों के बीच होने वाले दर्द के लिए
R68 हर्पीज ड्रॉप्स R71 सायटिका (नस की दर्द) ड्राप्स

R2 आर २ बूँदें -गोल्ड ड्रॉप्स
हृदय के आँगिक तथा क्रियात्मक रोग ,ऐज़ाइना,धड़कन बढ़ना,उत्त्तेजना,हृदय की व्याकुलता तथा धुटन ,हृदय की हुई अनियमित ताल तथा हृदय विक्षिप्ति आदि लक्षणों के लिए असरदार

R3  आर ३ बूँदें – हृदय  के वाल्व सम्बन्धी रोग
हृदय की दुबर्लता के साथ जलीय शोथ की प्रवृत्ति| हृदय के वाल्व सम्बन्धी रोगों में ह्रतपेशीयों  की कमजोरी, हृदय का फैलना, संक्रमण के बाद ह्रतपेशीयों  की कमजोरी,हृदय प्रघात तथा अल्पतनाव आदि रोगों के उपचार के लिए।

R44 आर ४४ बूँदें -निम्न रक्तचाप के लिए
रक़्त प्रवाह में दुर्बलता व अल्प रक्तचाप| हृदय की दुर्बलता,फलस्वरूप आलस आना।

R66 आर ६६ बूँदें -अनियमित हृदय गति के लिए
हृदय ताल मे व्यवधान, ह्रतपेशीयों के अपजननात्मक रोगों के कारण होने वाले संवहन दोष, एडम स्टोक लक्षण व हृदय की मंदगतिक अवस्था के साथ मिरगी या रक्ताघात आदि लक्षणों में प्रभावी औषधि।

R67 आर ६७ बूँदें – रक्त प्रवाह दौर्बल्य नाशक ड्रॉप्स
रक्त प्रवाह में व्यवधान,हृदय गति रुक जाने के कारण हृदय जनित आघात,सिर चकराना तथा गहरी बेहोशी की प्रवृत्ति के साथ पुराना रक्त प्रवाह सम्बन्घी व्यवधान,संक्रामक रोग तथा चोट के पश्चात रक्त प्रवाह सम्बन्घी व्यवधान आदि लक्षणों के उपचार के लिए प्रभवि औषधि।

R85 आर ८५ बूँदें – उच्च रक्तचाप
प्रकुचनीय  रक्तचाप 140 से ऊपर या अनुशिथिलनीय रक्तचाप 90 से ऊपर हो।
प्रयोगविघि :- 10 -15 बुँदे थोड़े से पानी में मिलाकर खाने से आधा घंटे पहले दिन में तिन बार सेवन करें।
दो या दो से अधिक दवाऐं एक साथ लेते समय 15 मिनट का अंतर रखें।

R13 आर १३ बूँदें – बवासीर के लिए
बवासीर,खुजली ,दर्द, रक्तस्राव ,मलद्वार की खुजली, गुदाभ्रंश, मलद्वार का छाजन तथा अति रक्त प्रवाह आदि लक्षणों में   अति प्रभवि औषधि।

R21 आर २१ बूँदें – रक्त एवं त्वचा विकार के लिए
पुराने त्वचा सम्बन्धी विकार में यह जैवीय आधार पर सम्पूर्ण शारीरिक गठन को प्रभावित करती है, जब इन  रोगों का इलाज प्रचलित चिकित्सा प्रणालियों द्धारा नहीं हो पता।  पुनर्सक्रियता बढ़ाने के लिए।

R23 आर २३ बूँदें – एक्जीमा ड्रॉप्स
नया व पुराना एक्जीमा, फुसियाँ, दादा, दाने व सुखी त्वचा के साथ पपड़ियाँ बनना आदि के उपचार के लिए।  त्वचा आमतौर पर नम रहती है। खूब खुजली होती है और मवाद भी निकलता है।

R32 आर ३२ बूँदें – अत्याधिक पसीना आना
अनावश्यक पसीना। रजोनिवृत्तिकालीन गर्मी की चोध, साथ है पसीना। संक्रामक रोगों तथा बुखार में अत्याधिक पसीना। गर्म,ठण्डा व चिपचिपा पसीना।

R53 आर ५३ बूँदें – मुहाँसे, फुँसियाँ
सामान्य  मुहाँसे, फुँसियाँ  त्वचा  के  सपूय या विवमय रोग, त्वचा के पिबमय रोग, छाजन व त्वचा का प्रदाह। एक्जीम तथा त्वचा के प्रवाह में अति प्रभावी  औषधि।

R60 आर ६० बूँदें – रक्तशोधक
विभिन्न प्रकार के रोगों में खून साफ करती है। त्वचा की अशुद्दतायों व युवक- युवतियों के चेहरे पर निकलने वाले फुसियोँ को साफ करती है।

R65 आर ६५ बूँदें- सोरियासिस ड्रॉप्स
यह सोरियासिस, एकिजमा, खुजली, शुष्क त्वचा आदि रोगों में ली जाती है।  सोरियासिस में त्वचा लाल, छिलकेदार होती है। छिलने व कुरेदने पर पपड़ी निकल आती है तथा खुजली होती है। रोगी बैचेनी व तकलीफ अनुभव करता है।  लोगों से मिलने जुलने में संकोज करने लगता है।

R68 आर ६८ बूँदें – हर्पीज ड्रॉप्स
परिसर्पीय दाद में (Herpes Zoster),छोटी माता या चेचक जैसे दाने (Chickenpox) आदि रोगों का उपचार करती है।

R11 आर ११ बूँदें – अस्थि रोगों के लिए
मॉसपेशियों  व हडिडयों का नया व पुराना बढ़ता हुआ दर्द, कमर दर्द , आमवतीय रोग की प्रवृत्ति आदि रोग जो नम मौसम या तापमान के बदलने पर बढ़ते है की एक विशिष्ट औषधि।

R30 आर ३० बूँदें – बहुउददेशीय  मरहम
पीड़ा ग्रस्त मॉसपेशियो व जोड़ों पर लगाएँ इससे सूजन कम होगी। यह आधात के कारण लक्वा, चेहरे का लक्वा जोड़ों के आसपास प्रदाहयुक्त सूजन, निल पड़ना,पेशियों में दर्द, मोच, फोड़े  तथा फुसियों के उपचार हेतु अति प्रभावशाली मरहम।

R34 आर ३४ बूँदें – पुनः कैल्सीकरण ड्रॉप्स
हडिड्यों के गठन पर क्रियाशील,कैल्शियममय ऊतकों तथा हडिडयों के विकास में बाधा आदि रोगों में प्रभावी।

R46 आर ४६ बूँदें – बाहों तथा हाथों के दर्द में
बाँहो तथा हाथों का आमवात और गठिया साथ ही जोड़ों की सूजन के उपचार हेतु विशिष्ट  औषधि।

R55 आर ५५ बूँदें – सभी प्रकार की चोटो व घावोँ के लिए
सभी प्रकार की चोटें हडडी टूट जाना,मोच बंदूक की गोली या तेज शास्त्र से लगाघाव साथ ही खून बहना। सभी प्रकार के घावोँ के लिए उपचारकारी प्रभाव।

R63 आर ६३ बूँदें-मॉसपेशियों में ऐंठन
रक्त प्रवाह में रूकावट, तथा मॉसपेशियों की ऐंठन या सुन्नपन के लिए उपचारकारी।

R69 आर ६९ बूँदें – पसलियों के बिच होने वाले दर्द के लिए
पसलियों की अन्दरूनी नाड़ियों व पसलियों  के बीच होने वाला दर्द।

R71 आर ७१ बूँदें-सायटिका(नस का दर्द )ड्रॉप्स
कशेरुकीय चक्रों का अपने स्थान से हट जाने के परिणामस्वरूप होने वाला सायटिका। सुन्नपन , टाँगों में चींटी चलने जैसी रेगन।

R73 आर ७३ बूँदें -जोड़ो के दर्द के लिए
हडिडयों के जोड़ों के आसपास प्रदाहयुक्त सूजन विशेषकर बड़े जोड़ों के,घुटने तथा कूल्हे के जोड़ों का प्रदाह ,कशेरुकाआ  की हडिडयों के जोड़ों का प्रदाह।

R14 आर १४ बूँदें – निद्रा ड्रॉप्स
अनिद्रा एवं नींद सम्बन्धी अनेक विकार, उनींदापन, हल्की नींद, नींद गायब, सुबह के वक्त ऊँघना, दिन भर बेचेनी, शाम को प्रफुल्लता।स्नायविक बेचैनी और नाड़ीजला की अत्यधिक उत्तेजना।

R16 आर १६ बूँदें – माइग्रेन ड्रॉप्स
आधे सिर का दर्द, स्नायविक सिरदर्द,सिर की नसों में दर्द,हल्की सी ठंड लग जाने से सिर में लगातार दर्द होने के कारण अरुचि। स्नायविक चिडचिड़ापन, सिरदर्द, गर्मी व कंपकंपी  शोर व पप्रकाश के प्रति असहनीयता, लेटन पर आराम आदि लक्षणो में प्रभावशाली।

R40 आर ४० बूँदें- मधुमेह का उपचार
मधुमेह,संघातिक अरक्तता तथा रक्त एवं ग्रथीय प्रणाली में होने वाले विघटनकारी परिवर्तन जैसे श्वेताणु रक्तता अथवा ल्यूकेमिया, खून की कमी,लसिकाकणिकागुल्मता, किंतु विशेषकर मधुमेह के उपचार के लिए| मधुमेह, धातक अरक्तता(खून की कमी) एवम विकार की अवस्था। रक्त तथा ग्रंथियों में कोन्द्रित की अवस्थाएँ जैसे ल्यूकेमिया, रक्तहीनता, लसीकाकणिकागुल्मता (lymphogranulomatosis) परन्तु विशेषकर मधुमेह के उपचार के लिए। R40 दूसरी श्रेणी के लक्षणों को कम करता है जैसे कि चिंता, तनाव, गुस्सा आना ,वादी, भूख न लगना, खाने के प्रति अरुचि,अधिक प्यास लगना, खुजली, बेचेनी अदि। यदि रोगी इसुलिन आश्रित है तो भी R40 के लम्बे समय तक उपयोग के पश्चात इंसुलिन की मात्रा कम की जा सकती है। उपयोग ; 10 -15 बुँदे खाने से पहले पानी में मिलाकर दिन में तीन बार। इस औषधि का सेवन लम्बे समय तक एवं नियमित रूप से करे। सुधार होने पर इसका सेवन दिन में दो बार कर दे।

R59 आर ५९ बूँदें – मोटापा घटाने मे प्रभावी
मोटापा, ग्रथियों से होने वाले स्त्राव की त्रुटिपूर्ण क्रिया के कारण वजन बढ़ने की प्रवृत्ति। प्रारंभिक गलगण्ड को रोकने में भी प्रयोग किया जा सकता है।
मोटापा, वजन बढ़ने की प्रवृति। ग्रंथीय स्त्राव की दुष्क्रिया के कारण वजन में वृद्धि को रोकने तथा प्रारभिक स्तर के गलगण्ड (गोइटर )को रोकने में प्रभावशाली। पूर्ण रूप से इस औषधि का वसीय पाचन पर प्रेरक प्रभाव देखा गया है। ऊतक (टिशू )में वसा के दहन एवं पानी के आधिकय को कम करना एवम थाईरॉड ग्रंथि पर नियमन में R59 कारगर है।
वजन कैसे घटाएँ?
अपने आहार की मात्रा को नियंत्रित करे ,तथा शारीरिक क्रियाकलाप में वृद्धि से कैलोरी में कमी होगी फलस्वरूप आपका वजन कम होगा।
उपयोग ; दिन में 2-3 बार 10 -15 बुँदे आधे कप पानी में मिलाकर लें।
अत्यधिक वजन में दिन में 4-5 बार ले।

R77 आर ७७ बूँदें – धूम्रपान निरोधक ड्रॉप्स
धूम्रपान छुड़ाने के लिए धूम्रपान के दुष्प्रभाव, अधिक धूम्रपान के कारण सिरदर्द त्तपश्चात मतली, पेट दर्द ,कब्ज,लीवर सम्बन्धी तकलीफें,तथा हृदय की धड़कन बढ़ना आदि रोगों के उपचारहेतु।

R89 आर ८९ बूँदें – बालों के गिरने एवं झड़ने की समस्या के लिए
बाल गिरना, गंजापन, समयपूर्व बाल गिरना, समयपूर्व बाल सफेद होना, कमजोरी, अत्यधिक तला हुआ भोजन करने की इच्छा, सिरदर्द।  अनुपयुक्त वसायुक्त अम्ल तथा वसा उपापचय या अशुध्द रक्त के कारण गंजापन या केशाभाव  हो सकता है। ऐलोपेशिया, गंजापन, असमय बाल गिरना , असमय सफेद होना , निर्बल बाल। संसाधित खाध पदार्थों का आधिक्य, सिर दर्द, असंगत वसीय अम्ल तथा वसा का असंगत पाचन और अशुध्द रक्त के कारण ऐलोपेशिया तथा गंजापन हो सकता है। हेरिडिटी के कारण भी गंजापन हो सकता है किन्तु नेजवानों में इसका कारण असगत जीवन शैली तथा असंतुलित आहार है। वसीत अम्ल ऐसे हार्मोन एवम विषैले तत्वों को प्रभावहीन करते है जिसके कारण बाल झड़ते है।
संतुलित आहार ग्रहण करना अनेक कारणों से महत्वपूर्ण है और संतुलित आहार आपके बालों के लिए भी लाभप्रद है।
अपने बालों की अच्छी तरह देखभाल करे। दिन में केवल एक बार बाल धोए, इसके लिए किसी भी सौम्य शैम्पु का प्रयोग करे। सुखाते समय तौलिए से जोर से न रगड़ें। इससे आपको फायदा होगा।
उपयोग ; 20 बुँदे पानी में मिलाकर दिन में तीन बार खाना खाने के बाद ले। गंजे स्थल पर लगभग 5 मिनट इससे मालिश करे। ऊतम परिणाम के लिए इसका प्रयोग लम्बे समय तक करे।

vita-C15 वीटा सी १५ -स्नायु बलवर्धक (मानसिक थकान )
अवसाद, उदासीनता, आत्महत्या की पृवृत्ति, मन की संघर्षपूर्ण अवस्था के बाद स्नायविक थकान, स्नायविक सिरदर्द, अनिद्रा ऊर्जाशक्ति का आभाव तथा एकाग्रता में कमी आदि रोगों में प्रभावी।

सिनेरेरिया आई ड्रॉप्स -अल्कोहल रहित
डॉ रेक्वेग का सिनेरेरिया आई ड्रॉप्स बुढ़ापे में दर्दभरी शल्य चिकित्सा तथा अधिक समय तक पढने, टीoवीo  देखने ,पर्यावरणीय धूल, धुऑ, आँखों की लाली तथा आँखों की फ्लू आदि से आँखों में तनाव से बचाव करना है।  यह बच्चों भी प्रयोग कर सकते है।

R14 आर १४ बूँदें- निद्रा ड्रॉप्स
अनिद्रा एवं  नींद सम्बन्धी अनेक विकार, उनींदापन , हल्की नींद, नींद गायब, सुबह के वक्त ऊँघना, दिन भर बेचेनी, शाम को प्रफुल्लता।स्नायविक बेचैनी और नाड़ीजला की अत्यधिक उत्तेजना।

R16 आर १६ बूँदें- माइग्रेन ड्रॉप्स
आधे सिर का दर्द, स्नायविक सिरदर्द,सिर की नसों में दर्द,हल्की सी ठंड लग जाने से सिर में लगातार दर्द होने के कारण अरुचि। स्नायविक चिडचिड़ापन, सिरदर्द, गर्मी व कंपकंपी  शोर व पप्रकाश के प्रति असहनीयता, लेटन पर आराम, R16 मुख्यतः सिर के एक तरफ होने वाले तेज दर्द जो ज्यादातर मतली तथा उल्टी जैसे लक्षणों के साथ होता है में उपचारकारी प्रभाव डालता है।

R33 आर ३३ बूँदें- मिरगी ड्रॉप्स
मिरगी व मिरगी के दौरे, स्नायविक चिड़चिड़ापन तथा ऐंठन आदि रोगों में उपयोगी।

R36 आर ३६ बूँदें-स्नायुरोग व अंग कम्पन्न
विभिन्न कारणों के फलस्वरूप होने वाली बच्चों तथा बडों के स्नयुजाल की अतिसंवेदना शीलता। स्नायुरोग व अंग कम्पन्न।

R42 आर ४२ बूँदें- नसों की कठोरता,फैलना व जलन के लिए
शिरायें स्थिर  हो जाना, फूल जाना, निचले अंगों की शिराओं में भारीपन की अनुभूति के साथ अवरोघ तत्प्श्चात एक्जिमा व खुजली।

R54 आर ५४ बूँदें- मसितष्क के क्रियात्मक रोग( याददाश्त बढ़ाने के लिए )
मसितष्क क्रिया के  अनेक दोष, याददाश्त की कमजोरी।  स्कूली बच्चों का दोषपूर्ण आत्मिक विकास, विरकित आलस व थकान।

R70 आर ७० बूँदें- नस व नाड़ियों का दर्द
शरीर के विभिन्न भागों में होने वाला स्नायुशूल।
सेवन विधि : 10-15 बुँदे थोड़े से पानी में मिलाकर खाने से आधा घंटे पहले दिन में तीन बार सेवन करे। दो या दो से अधिक दवाऐं एक साथ लेते समय 15 मिनट का अंतर रखें।

R18- गुर्दो व पेशाब की थैली के लिए
गुर्दो व पेशाब की थैली का  प्रदाह,गुर्दो व मूत्राशय में तेज चुभने वाला दर्द।

R27-  गुर्दो की पथरी के लिए
गुर्दो की पथरियाँ,  गुर्दो में तेज दर्द, चुभन लाल तथा चिपचिपा मूत्र, पेशाब में आक्जैलिक एसिड व पथरी।

R64- पेशाब में अलब्यूमिन आने पर
पेशाब में अलब्यूमिन  व प्रोटीन आने पर,  गुर्दो  की कठोरता तथा  गुर्दो  के पुराने रोगों के उपचार में उपयोगी।

R74- नींद में पेशाब निकल जाने पर
नींद में  पेशाब करना, मूत्राशय की कमजोरी। यह औषधि तांत्रिक सम्बन्धी तथा कमजोर रोगियों के स्वास्थ्य में सुधार लाती है। मूत्राशय की क्रियाओं को नियंत्रित करने वाली प्रेरक तंत्रिकाओं पर प्रभाव डालती है।
सेवन विधि :- 10 -15 बुँदे थोड़े से पानी में मिलाकर खाने से आधा घंटे पहले दिन में  तीन बार सेवन करें।

भूख तथा रक्त पूर्ति बढ़ाती है- R31
खून की कमी, भूख न लगना, विशेषकर बच्चों में अक्सर उदर की सूजन के साथ। तीक्ष्ण रोगों के कुपरिणाम।

प्रदाह, सूजन सम्बन्धी ड्रॉप्स-R1
नया या पुराना स्थानिक प्रदाह जिसमें गिल्टियाँ सूज जाती है। आकस्मिक रोग संक्रमण तथा तेज बुखार।

बच्चों के दाँत निकलना सुगम बनाती है। -कलकेरिया फॉस
इसके सेवन से दाँत निकलते समय होने वाले बैचेनी, चिड़िचिड़ाहट आदि लक्षणों में राहत मिलती है।

टाँसिल-R 1
बच्चों में पुराना टाँसिलप्रदाह, गलकोष की तीक्ष्ण लालिमा के साथ सूजन , साथ ही तेज दर्द।

उल्टी, मतली, यात्रा रोग- R 52 मतली, अस्वस्थता की अनुभूति (विशेषकर यात्रा के समय ), समुद्री- रोग तथा उल्टी

पेट के कीड़ों को बाहर निकालने के लिए- R 56
सभी प्रकार के कीड़े, रात को सोते समय दाँत किटकिटाना, जल्दी चौक जाना, अंग फड़फड़ाना, नाक में खुजली करना।
सेवन विधि ;- 7 साल से कम उम्र के बच्चों को 5 बुँदे थोड़े से पानी में दिन एक बार ,7 साल से बड़े उम्र के बच्चों के लिए -10 बुँदे दिन में एक बार ,12 साल से बड़े उम्र के बच्चों के लिए -10 बुँदे दिन में दो बार थोड़े से पानी में।

दो या दो से अधिक  दवाऐं एक साथ लेते समय 15 मिनट का अंतर रखें।

आनलाईन आर्डर फॉर्म

21 विचार “डॉ.रेकवेग होम्योपैथी आर १ से आर ८९, Reckeweg Medicine List in Hindi&rdquo पर;

    1. पुरुषों मैं शारिरीक और मानसिक तनाव और कमजोरी की वजह से इरेक्टाइल डिसफंकशुन या लिंग में उत्तेजना कम हो जाती है। होम्योपैथी में आग्नस कास्टस, सेपिया , दामियाना , सेलेनियम जैसे कई जडी बूटियां है जो इसे ठीक कर सकती हैं। नपुंसकता (पुरुषत्व में खामियाँ) संबधित चिकित्सा के लिए हमने दवाएँ सूची प्रकाशित किया है, इसे पढ़ें और डॉक्टर से सलह -मशुवरा करके लें

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    1. अर ३८ के फायदे -अंडाशय की बीमारी, दाहिने ओर पेट में दर्द की जलन के लिए उपयोगी, गला के सूजन के लिए, परिशिष्ट (अपेंडिक्स) की प्रारंभिक सूजन

      अर ३९ नामक दवा नहीं है

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    1. शिश्न की बीमारी और लाल चमड़ी संक्रमण के कारण हो सकता है और सबसे आम कारण हैं पोस्टहाइटिस और बैलेंसिस। स्नान के बाद अपने लिंग के पूरी तरह से साबुन को न निकालने के कारण जलन हो सकती है| यौन समस्या के लिए कुछ होम्योपैथिक दवाएं यहां देखें

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    1. फाइटोलाका बेरी गोलियाँ शरीर में अवांछित वसा बहा और वजन कम करने का एक अच्छा तरीका है। यह शरीर में चयापचय को नियंत्रित करने के लिए होम्योपैथी में एक अच्छी तरह से ज्ञात दवा है, यह वसा पर स्वाभाविक रूप से नियंत्रित करता है। गार्सीना कंबोगिया शरीर का वजन कम करने का एक और अच्छी दवा है, अन्य लोकप्रिय दवाएं एसबीएल फाइटोट्रिम, ब्लोउमे 13, एडेल 13 वेटटेक्स आदि हैं

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    1. होम्योपैथी में बालों के झड़ने का उपचार परंपरागत दवाओं से भिन्न होता है और बाल उपचार और शल्य-चिकित्सा के प्रति अर्थ में प्रतिस्थापित होते हैं| यह हर किसी के लिए तैयार नहीं है; यह आप के लिए कस्टम बनाया है, दूसरे शब्दों में यह दो अलग-अलग लोगों के लिए एक ही उपाय नहीं है| होम्योपैथी तुम्हारा सबसे अच्छा विकल्प हो सकता है अगर आप गैर-फार्मास्यूटिकल, बालों के झड़ने के लिए गैर शल्यचिकित्सक दृष्टिकोण पर उत्सुक हैं| हमने होम्योपैथी में चिकित्सा सूचियों के साथ एक विस्तृत बालों के झड़ने के उपचार की मार्गदर्शिका प्रदान की है, आप इसे यहां देख सकते हैं

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    1. योनि स्राव को लूकोरिया कहा जाता है, और सभी महिलाओं की आम समस्या है। किशोरावस्था में हार्मोनल असंतुलन की वजह से इस समस्या का सामना करना पड़ता है, और मासिक धर्म चक्र के अंडाशय के समय महिलाएं इसे पीड़ा से गुजरते हैं । लूकोरिया भी योनि संक्रमण (कवक या बैक्टीरिया) के कारण हो सकता है और अवधि के दौरान अस्वस्थ (हाइजीन की कमी) के कारण भी है । लक्षणों में ऊपरी पेट में दर्द, पीठ दर्द और पैर में दर्द, विशेष रूप से जांघ और पैर की मांसपेशियों, और थकान में शामिल हैं. महिलों की समस्याओं के लिए होमियोपैथी दवाई सूची देखें

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    1. लियोकोडर्मा (श्वित्र) त्वचा की परतों से त्वचा के रंग का क्रमिक नुकसान, मेलेनिन कहलाता है। श्वेत पैच वर्णक हानि के कारण चेहरे सहित पूरे शरीर में होते हैं जो आपकी त्वचा पर दूधिया-सफेद पैच (दीपिग्मेन्टेशन) पैदा करता है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में से एक होंठ और आस-पास के क्षेत्र हैं क्योंकि होंठ अक्सर सूर्य के प्रकाश के संपर्क में होते हैं विटिलिगो एक इलाज योग्य स्थिति है, हालांकि वर्णक को पुनः पाने के लिए इलाज दो साल या उससे अधिक समय ले सकता है, और रीपिग्मेन्टेशन 100% नहीं हो सकता है इस स्थिति के लिए होम्योपैथी चिकित्सा निम्नानुसार हैं: SBL Ammi Visnaga Cream, Bakson A.S.F tablets, Leucode Salbe (Blooume 70), Haslab HC-85 HYDROCOTYLE, Allen A21 drops, Wheezal Leuco-X cream , Baksoint 9 Cream , Medisynth Beckomint Cream No.17, Haslab Psorela Cream

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    1. R65 को सोरायसिस की समस्या के लिए संकेत दिया गया है और डॉ। रेकेजेग इसके प्रभाव को बढ़ाने के लिए आर 21 की सिफारिश की है। आर 60 एक रक्त शोधक दवा है और यह छालरोगों के लिए भी अच्छा है क्योंकि त्वचा की समस्याएं अशुद्ध रक्त से संबंधित हैं।

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    1. बार-बार पेशाब तब होता है जब आप मूत्र सामान्य से अधिक बार करते हैं, कभी-कभी मूत्राशय की परेशानी के साथ-साथ पेशाब के अचानक, सम्मोहक आशंका होती है। जब अक्सर पेशाब के साथ बुखार और पेट में दर्द या असुविधा होती है, तो आपको मूत्र पथ के संक्रमण हो सकता है। अक्सर पेशाब के अन्य संभावित कारणों में शामिल हैं: मधुमेह, गर्भावस्था और प्रोस्टेट समस्याएं आदि। आपको होम्योपैथ द्वारा अपनी समस्याओं का सही कारण जानने के लिए जांच की जानी चाहिए, यदि आप चाहें तो हम ऑनलाइन होम्योपैथी उपचार प्रदान करते हैं

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