R5 drops for Acidity Gas, गैस एसिडिटी खट्टी डकार का होम्योपैथी ईलाज

Homeopathy medicine R5 for indigestion, Gas, acidity, gastritis, dyspepsia in Hindi

Reckeweg R5 in Hindi – Homeopathy medicine for indigestion, acidity and gas problem, डॉ.रेकवेग अर.५ – उदर सम्बन्धी(गैस,एसिडिटी, खट्टी डकार) रोगों के लिए जर्मन होम्योपैथी ईलाज

मूल-तत्व : एनाकार्डियम D6, आर्जेण्टम नाइट्रिकम D6, आर्सेनिकम एल्बम D4, बेलाडोना D4, कार्बो वेज D8, कैमोमिला D 2, चेलिडोनियम D 3, लाइकोपोडियम D5, नक्सवोमिका D4, स्क्रोफुलैरिया नोड D1.

लक्षण : विशेषकर पेट सम्बन्धी व्रण (Parapyloricum i.e., gastric-peptic ulcers) । अमाशय का नया एवं पुराना प्रदाह, मंदाग्नि (dyspepsia) पेट का पुराना पुनरावर्ती प्रदाह जिसके साथ पेट में घाव भी हो सकता है ।
हृदय में जलन, मुँह में बुरा-स्वाद, लगातार उबकाई, पेट फूलना, अफारा (Meteorism) ।
पेट की जलन भरी श्लेष्मिक झिल्ली पर तथा उदर की शरीर रचना-विज्ञान पर कार्य करती है ।

R5 in Hindi, क्रिया विधि :

एनाकार्डियम : उदर सम्बन्धी तकलीफें, जिनमें कुछ खा लेने से आराम आता हैं, आधी रात के आसपास पीड़ा होती है ।
आर्जेन्टम नाइट्रिकम : ऊपरी पेट सम्बन्धी तकलीफ, शोर-युक्त तथा लगातार होने वाली डकारें अथवा उबकाइयाँ साथ ही अल्पकालिक सुधार ।
आर्सेनिकम एल्बम : श्लेष्मिक झिल्लियों के लिए औषधि, उल्टी के साथ उदर में जलनयुक्त दर्द ।
बेलाडोना : दबाव के प्रति ऊपरी पेट की संवेदनशीलता, तथा अन्य व्यवधान, मितली, उल्टी ।
कार्बो वेज○ : उदर गव्ह़र में भरे होने की अनुभूति, शक्तिहीनता तथा थकान ।
कैमोमिला : तंत्रिका सम्बन्धी अति-संवेदनशीलता तथा चिड़चिड़ापन । उदर में सूजन ।
चेलीडोनियम : लीवर तथा पित्त के लिए प्रभावशाली, पित्तवर्धी, सेवन कराये जाने पर पाचन-दोषों को नष्ट करती है ।
लाइकोपोडियम : पेट व आँतों की बीमारियाँ, मुँह में कडुवाहट भूख का अभाव, कब्ज़, पेट फूलने के साथ पेट दर्द ।
नक्सवोमिका : तंत्रिका सम्बन्धी चिड़चिड़ाहट, रोगभ्रम उदर में संकुचन, निकोटिन के कारण होने वाले पेट के रोग ।
स्क्रोफुलेरिया नोडोसा : पेट में कसाव वाला दर्द, अत्यधिक अम्लता, कुछ खा लेने के बाद आराम महसूस होना ।

कुछ रोगियों में जो दवाओं के प्रति संवेदनशील होते हैं, उपचार के कुछ दिनों बाद पीड़ा बढ़ सकती है, जिसे तथाकथित प्रथामिक प्रतिक्रिया कहते हैं । ऐसी स्थितियों में 1-2 दिनों के लिए उपचार को पूरी तरह से रोक देना बेहतर होता है । दोबारा उपचार शुरू करने पर लगातार सुधार होगा । अन्य स्थितियों में, कुछ समय के अंतराल पर उपचार करें, या खुराक घटा दें, अथवा भरे पेट बूँदें लें ।

डॉ○ रेकवेक अर.५ के प्रयोग की यह विशेषता है कि सामान्यतः बार-बार होने वाली तकलीफ की गंभीरता तब तक लगातार कम होती जाती है, जब तक वह पूरी तरह से समाप्त न हो जाए ।

अर.५ खुराक की मात्रा : सामान्यतः भोजन के पूर्व दिन में 3 बार, थोड़े पानीमें10-15 बूँदें । लक्षणों के पूरी तरह खत्म हो जाने पर, पुनः होने से रोकने के लिए और नाड़ियों के बढ़े हुए तनाव को नियमित करने के लिएदिन में एक बार मुख्य भोजन के पूर्व, थोड़े पानी में 10-15 बूँदे लें ।

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डॉ. रेक्वेग के अन्य थेरप्यूटिक दवाईयों की सूची

टिप्पणी : अत्यधिक अम्लीयता होने पर उपचार के आरंभिक दिनों में दवा का अतिरिक्त प्रयोग प्रभावशीलता को नुकसान नहीं पहुँचाता । जहाँ तक आहार का सम्बन्ध है । सरलतापूर्वक पच जाने वाले भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए जैसे कि फलियाँ, बन्दगोभी ।भारी वसा जैसे भुनी मछली तले आलू जैसे खमीर उठने वाले आहार नहीं लेने चाहिए । भोजन को अच्छी तरह चबायें, तंबाकू का सेवन न करें, शर्करा का उपभोग कम करें ।

लीवर की तकलीफ यदि साथ हो तो, इसके साथ R 7 का प्रयोग भोजनों के बीच दिन में 2-3 बार करें ।

उदरशूल में : अतिरिक्त औषधि के रूप R 37 का भी प्रयोग करें ।

पाचन रस थैली (Pancreas) के विकार में : अतिरिक्त औषधि के रूप में R 72 का भी प्रयोग करें ।

5 विचार “R5 drops for Acidity Gas, गैस एसिडिटी खट्टी डकार का होम्योपैथी ईलाज&rdquo पर;

    1. अंतराल हर्निया में पेट का हिस्सा छाती गुहा में दबाव डालता है, यह उस खुला में प्रवेश करता है जहां खाद्य ट्यूब (एसोफैगस) पेट की ओर जाती है। हाइटस हर्निआ का आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होता। कुछ मामलों में, वे हार्ट बर्न और पेट की बेचैनी से जुड़े हो सकते हैं। यदि कोई उपचार योजना है तो उसके लिए कृपया हमारे डॉक्टरों से परामर्श लें

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    1. ऐसे ऊपरी पेट दर्द का सामान्य कारण कब्ज होता है। आंत्र निकासी में बाधा पेट या ऊपरी छोटी आंत की फैलावट (फुलना) का कारण बनती है और यह दर्द का कारण है। उचित निदान के लिए डॉक्टर से परामर्श लें, होम्योपैथी लक्सेटिव आपको नियमित आंत्र निकासी बनाए रखने में मदद करेंगे

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