R4 drops in Hindi for Diarrhea Treatment, रेकवेग दस्त अतिसार की दवा

Homeopathy medicine R4 for loose motion, Diarrhea in Hindi

Dr.Reckeweg R4 in Hindi-German Homeopathy medicine for loose motions. डायरिया या अतिसार (Diarrhea meaning in Hindi) से निज़ात पाने के लिए जर्मन होम्योपैथी ईलाज, सुप्रसिद्ध डॉ. रेक्वेग दस्त की दवा – सुरक्षित और कोई साइड इफ़ेक्ट के बिना

मूल तत्व: एसिड फॉस्फोरिक D 3,बैप्टिसिया D 4, कैमोमिला D 4, चाइनिनम आर्सेनिकोस D 3,
कोलोसिंथिस D 6,फेरम फास्फोरिक D 8, मर्क. सब. कोर D5, ओलिएंडर D 6,
रस्टॉक्स D 4, वेराट्रम D 6 ।

लक्षण : सभी प्रकार के नये एवं पुराने पेट व आंतों सम्बन्धी प्रदाह में । सर्दी लगने अथवा
दोषपूर्ण खान-पान के बाद ग्रीष्मकालीन अतिसार (दस्त होना) । आँतीय नजला(आँव),
आँतीय इंफ्लुएंजा बुखार के साथ अतिसार, टायफॉयड बुखार, पेचिश ।

R4 in Hindi, क्रिया विधि :
एसिड फॉस्फोरिक : टॉयफॉयड बुखार, उनींदापन, नया एवं पुराना अतिसार (पनीले
दस्त होना) ।
बैप्टिसिया : अत्यधिक श्लेष्मा (आंद) के साथ अतिसार अथवा पनीले दस्त होना,
हल्का हल्का सिरदर्द, बुखार, जीभ पर कत्थई रंग की परत जमी हुई, शरीर में सूजन ।
कैमोमिला : ठंड लगने के बाद पनीला (Aqueous) या हरा मल, पेट दर्द ।
चाईनिनम आर्सेनिक : बुखार, सामान्य थकान तथा कमज़ोरी के साथ जीवाणुओं को
नष्ट करने वाला अतिसार ।
कोलोसिंथिस : आँतोँ में अत्यधिक आक्रामक मरोड़ के साथ पेचिश का मल ।
फेरम फॉस : अत्यधिक पेट फूलने के साथ पनीले दस्त । बुखार और जलन से मुक्त
करने वाली औषधि ।
मर्क. सब. कोर : चिपचिपा और रक्त युक्त मल, थका देने वाले उदरशूल तथा
चिपचिपी कूथन (Tenesmus) ।
ओलिंएडर : विस्फोट होने जैसी तीव्र ध्वनि के साथ ढीला-ढाला पखाना, शूल-युक्त
आँतीय मरोड़, अपचामल ।
रस टॉक्स : भीग जाने के फलस्वरुप पनीले, आंवयुक्त खूनी दस्त, बेचैनी, उनींदापन ।
वेराट्रम एल्ब : बहुत अधिक कँपकँपी तथा निपात के साथ उल्टी और पनीले दस्त ।
गर्मी में होने वाले पनीले दस्त ।

खुराक की मात्रा: तेज़ बुखार में प्रत्येक 1/4 – 1 घंटे पर 20 बूँदें, बिना पानी मिलाये । सुधार होने
पर जो अक्सर 1-2 दिन बाद होता है, खुराक घटा कर प्रत्येक 1-2 घंटे पर 10-
15 बूँदों तक कर दें । सुझाव है, कि पूरी तरह से स्वस्थ होने तक प्रतिदिन 3 बार
10-15 बून्दे भोजन के पूर्व लगभग एक सप्ताह तक लेते रहें ।

सामान्य अतिसार या दस्तों में, जब बुखार न हो, स्थिति की गंभीरता केअनुसार
प्रत्येक 1-3 घंटों पर 10-15 बूँदें ले ।

आंत्रिक ज्वर(Typhoid meaning in Hindi) में, जब आँतीय अस्तव्यस्तता न हो, प्रत्येक 1-2 घंटे पर
10-15 बूँदें लें ।

पुराने अतिसार या दस्तों में, भोजन के पूर्व दिन में 3 बार 10-15 बूँदें लें ।

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डॉ. रेक्वेग के अन्य थेरप्यूटिक दवाईयों की सूची

टिप्पणी : लम्बी रोगावस्थाओं में जब शक्ति मन्द पड़ गई हो व प्रतिक्रिया का आभाव
पाया जाए तो प्रतिदिनएक बार R-26 की 10-15 बूँदें भी साथ में लें ।

आँतीय मरोड़ में : अतिरिक्त औषधि के रूप में R 37 साथ में लें ।

रोग निवत्ति के दौरान : vita-C 15

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