Prostate ka Homeopathy Ilaj, प्रोस्टेट ग्रंथि प्रदाह के लिये दवा

Homeopathy Prostate Medicine in Hindi, Purush Granthi ka ilaj

Reckeweg R25 Homeopathy Drops for prostate in Hindi, पौरुष ग्रंथि (prostate in Hindi) पौरुष ग्रंथि में वृद्धि के कारण उस से होने वाली परेशानीयाँ जैसे मूत्र नाली सूजन , पेशाब में परेशानी इत्यादि. उम्र की भड़ने से पुरुषों में प्रोस्टेट की कैंसर की भी खतरा भाड़ जाती है

मूल-तत्व : चिमाफिला अंबेलैट D 3, क्लेमैटिस D 3, कोनियम D 5, फेरम पिक्रिन D 4, परेरा ब्रावा D 2, पॉपुलस ट्रेम्यूल D 3, पल्सेटिला D 3, सैबल सेरूल D 2.

लक्षण : प्रोस्टेट ग्रंथि का नया एवं पुराना प्रदाह तथा इसके फलस्वरूप होने वाली व्याधियां ।

क्रिया विधि :

चिमाफिला अंबेलैट : मूत्रत्याग के दौरान तेज़ पीड़ा, रात में बार-बार मूत्र त्याग की आवश्यकता, मूत्राशय से मूत्रनली के छोर तक दौड़ता हुआ दर्द, मूत्राशय की पथरी ।

क्लेमैटिस : ज्वलनशील सिकुड़न, चिपचिपा किंतु बिना पीब के । रुक-रुक कर मूत्रत्याग । लंबे समय तक इंतज़ार, जब तक की आखिरी निस्सारण बूँदों के रूप में ज्वलनशील पीड़ा के साथ आता है, तदुपरांत, पीड़ा रहित मूत्र बहाव होता है । सूज़ाक, व षणों का प्रदाह (orchitis) ।

कोनियम : प्रोस्टेट का बढ़ना, रुक-रुक कर बारबार पेशाब आना, पक्षाघाती (Paralytic) कमज़ोरी, कमज़ोर मूत्र-स्राव ।

फेरम पिक्रिन : रात में मूत्र त्याग की इच्छा, मूत्र सम्बन्धी असंयतता । मूत्र त्याग की निरंतर इच्छा बनी रहना ।

परेरा ब्रावा : तीक्ष्ण कूथन, बूँदों में मूत्रस्त्राव, गुर्दों से जांघों की ओर फैलता दर्द, मूत्र में पथरी, रक्तयुक्त एवं अम्लीय । मुत्राशय में पथरी ।

पौपुलस ट्रेम्यूल : पीड़ायुक्त मूत्रत्याग के साथ मूत्रत्याग की इच्छा । प्रोस्टेट ग्रंथि की अतिवद्धि । जाँघों में दर्द ।

पल्सेटिला : पौरुष ग्रंथि में प्रदाह (Prostatitis) अंडकोशों का शोथ, सूजाक, धुँधला व पीला मूत्र, प्रोस्टेट ग्रंथि की अतिवद्धि जाँघों में दर्द ।

सैबल सेरल : प्रोस्टेट ग्रंथियों की अतिवद्धि, साथ में मूत्राशय का विकार, लगातार मूत्रत्याग की इच्छा । पीड़ायुक्त मूत्रत्याग ।

खुराक की मात्रा : सामान्यतः भोजन के पूर्व कुछ पानी में 10-15 बूँद प्रतिदिन 4-6 बार । सुधार होने पर लंबे समय तक पूरी तरह से रोगमुक्त होने तक प्रतिदिन 10 बूँद दिन में तीन बार लें ।

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टिप्पणी :प्रोस्टेट ग्रंथि के उग्र प्रदाह में : अतिरिक्त औषधि के रूप में R 1 का भी प्रयोग करें ।

मूत्राशयशोथ-व क्कगोणिका शोथ (Cystitis-pyelitis) में : R 18 से तुलना करें । यदि लक्षण अनुकूल हों तो इसे R 25 के साथ भी दिया जा सकता है ।

कटि स्नायुशूल (Sciatica) में : R 71 देखें ।

गुर्दे की बीमारी (nephrosis hindi) में : R 64 देखें ।

सहवर्ती धमनियों की कठोरता (concomitant arteriosclerosis) में : अतिरिक्त औषधि के रूप में R 12 का भी प्रयोग करें ।

रक्त वाहिनियों की कठोरता में : अतिरिक्त औषधि के रूप में R 2 का भी प्रयोग करें ।

Prostate ka Homeopathy Ilaj, प्रोस्टेट ग्रंथि प्रदाह के लिये दवा&rdquo पर एक विचार;

  1. Carcinoma glans par tha jiska operation 2 dec.ko haua 3″ cut kiya gaya .Isase pahale Phimosis ka operation hua tha 1 sal pahale us vakt sonography me Prostate nikala 55 c.c R 25v3 mah se le raha hun pravah full hone par peshab nali me bahut dard hota hai parantu rokkar mutra pravah karne parvdard bahut kam hota hai.Rat me r25 lene se 1 ya 2cbar hi jana padta hai.Peshab karne ki ichha hone par bahutvjor ki peshab lagti hai.Salah dijiye .Age 73 hai .Male.

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