R19 Drops in Hindi, पीयूष ग्रंथि रोग, घेंघा का होम्योपैथी इलाज

R19 homeopathy medicine in Hindi , Goiter ka ilaj, Pituitary disease medicine Hindi

डॉ.रेकवेग अर.१९ पुरुषों के ग्रंथि रोगों के लिए जैसे पीयूष ग्रंथि की शिथिलता कारण वजन भड़ना या घटना, गंडमाला घेंघा इत्यादी|जर्मन सीलबंद होम्योपैथी दावा – सुरक्षित और कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं

R19 Homeopathy medicine in Hindi – composition;डॉ.रेकवेग अर.१९ मूल-तत्व : ग्लैंडुले थायमी D 12 थायरियोडीनम D 12, हाइपोफाइसिस D 12, पैंक्रियाज़ D 12, ग्लैंडुले सुप्रोरेनेल्स D 12, टेस्टीज़ D 12 (ओवेरिया D 12 – R 20 में)।

डॉ.रेकवेग अर.१९ लक्षण : अंतःस्रावी ग्रंथियों के (Endocrine in Hindi) क्रियागत विकार, विकास में व्यवधान, पियूषिका ग्रंथि (Pituitary) की दोषपूर्ण क्रिया के कारण मोटापा,अन्यथा कम वज़न, गलगण्ड/गंडमाला/घेंघा (goiter meaning in Hindi), नेत्रोत्सेधी गलगण्ड रोग (Grave’s disease), विनाशक अरक्तता रोग (Addison’s disease), थायरॉयड ग्रंथि की क्रिया का अपूर्ण या पूर्णतः कम होने की प्रक्रिया (myxoedema) आदि ।

R19 Drops Hindi क्रिया विधि :

ग्लैंडुले सुप्रा○ : कमजोरी, वज़न कम होना, माँसपेशियों की कमजोरी । एलर्जी सम्बन्धी स्थिति, दमा, खून में शर्करा की कमी (Hypoglycemia), उच्च रक्तचाप अथवा निम्न रक्तचाप ।

हाइपोफाइसिस : हार्मोन सम्बन्धी प्रणाली के लिए अनिवार्य तत्व । आंतरिक स्राव को, रक्त में लैक्टिक एसिड की मात्रा को, धातु निर्माण को तथा शरीर के द्रवों को नियंत्रित करता है, मूत्र वर्द्धन को कम करने वाले प्रभाव (antidiuretic effect in Hindi) ।

पैंक्रियाज़ : पाचन रस थैली सम्बन्धी मधुमेह या डायबिटीज (Pancreatic diabetes) । पाचक स्रावों के उत्पाद को बढ़ाता है ।

टेस्टीज़ (पुरुष) अथवा ओवेरिया (स्त्री) : बुढ़ापे की कमज़ोरी, कम होती जननक्षमता, त्रुटिपरक स्मति, अवसाद, ग्रंथियों के क्रियात्मक दोष, हीन भावना, गुप्तव ष्णताः (crypto-chidism), रात मेँ नींद में पेशाब निकल जाना, नपुंसकता (impotency) ।

स्त्रियों में काम शीतलता समलिंगकामिता की प्रवत्ति, शुक्राणुओं की अल्पता एवं पूर्ण अभाव, त्रुटिपूर्ण रक्तसंचरण, रक्त संकुलता ।

पीयूषिका (Hypophysis) ग्रंथि की अतिक्रियाशीलता को हल्का करती है ।

ग्लैंडुले थायमी : थकान दिमागी एवं शारीरिक तथा अन्य ऊतक सम्बन्धी उग्र कमियां (mongolism) ।

थायरॉयडिनम : थायरॉयड ग्रंथि का नियमन । थायरॉयड का बाधित विकास । थायरॉयड ग्रंथि की क्रिया का अपूर्ण या पूर्णतः कम होने की प्रक्रिया (myxoedema), अल्पताप, रक्त में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा का अत्यधिक बढ़ जाना, बौद्धिक विकास रुक जाना, शारीरिक स्रावों के निकास में सहायक ।

डॉ.रेकवेग अर.१९ खुराक की मात्रा : सामान्यतः थोड़े पानी में 10-15 बूँदें दिन में 3 बार ।

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लड़कों में स्तन की तरह छाती, इसका इलाज कैसे करें?

होम्योपैथी में संकेतित दवा है –कॉनियम मैक 1000 (एचएस), 15 दिनों के बाद दोहराएं- युवावस्था के समय लड़कों में स्तन वृद्धि। स्तन एक महिला की तरह दिखते हैं। ठीक होने तक हर पखवाड़े में खुराक दें। बाएं स्तन के ट्यूमर या दाएं स्तन की कठोरता में भी यह उपयोगी है ।

डॉ. रेक्वेग के अन्य थेरप्यूटिक दवाईयों की सूची

टिप्पणी : सभी घटक औषधियों को भ्रूण ऊतकों से आंशिक रूप में प्राप्त किया गया है तथा शक्तिकरण किया गया है । शक्तिकरण की प्रक्रिया में (Arndt-schulz) सिद्धांत के आधार पर) तलक्षेत्र बढ़ जाता है तथा परिमाणस्वरुप उसके प्राक तिक अवस्था की तुलना में शक्तिक त औषधि की क्रिया विपरीत होती है । इस प्रकार अन्तः स्रावी (endocrine) क्रिया के विकार को प्रभावित करना संभव हो जाता है, जिसका अन्यथा उपचार अत्यधिक कठिन होता है ।

दुर्बलता वाले रोग के बाद जैवीय शक्ति की पुनर्सक्रियता बढ़ाने के लिए : R 26 देखें ।

मोटापे में (Obesity in Hindi) : अतिरिक्त औषधि के रूप में R 59 का प्रयोग करें ।

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