Reckeweg R12 in Hindi for Goiter, मल्टिपल स्क्लेरोसिस घेंघा की दवा

R12 Calcification Drops, Sclerosis, Goiter treatment in Hindi

Reckeweg R12 Drops in Hindi – Homeopathy Calcification medicine for Sclerosis, Goiter treatment. डॉ.रेक्वेग होम्योपैथी आर.१२ कैल्सीकरण ड्रॉप्स – बहुविधि ऊत्तक द्दढ़न (मल्टिपल स्क्लेरोसिस), घेंघा परेशानियों के लिए कारगर जर्मन होम्योपैथी ईलाज

आर.१२ मूल-तत्व: आर्निका D3, आर्सेनिक आयोडेट D4, ऑरम क्लोरैट D6, बेरियम क्लोरैट D4, कैल्शियम आयोडेट D3, फॉसफोरस D5, ग्लोनोइनम D6, कालियम आयोडेट D3, प्लबम एसेटिक D6, कोनियम D5.

लक्षण : धमनियों की सर्वांगीण कठोरता (arterisclerosis meaning in Hindi) तथा अत्यधिक तनाव (hypertonia meaning in Hindi) प्रमस्तिष्कीय (Cerebral) धमनियों की कठोरता, महाधमनी एवं रक्तवाहिनियों में कड़ापन, गुर्दे की नसों में कड़ापन, चलने में कठिनाई, पेट की दुष्क्रिया, बुढ़ापे की कमज़ोरी, कमज़ोर याददाश्त, रक्त संकुलन, सिर चकराना, भुलक्कड़पन, रक्तघात (apoplexy) की प्रवत्ति तथा इसके परिणाम, गलगण्ड की प्रवत्ति, अवटुुविषाक्तता (Thyreotoxi-cosis) ।

R12 in Hindi, आर.१२ क्रिया विधि : विस्तत आयोडीन चिकित्सा, जो विभिन्न प्रकार की आयोडेट्स को सक्रिय जैवीय तत्वों के साथ मिलाकर की जाती है ।
आर्निका : रक्तघात (मूर्छा) की प्रवत्ति, रक्तघात के दौरे के प्रारंभ में पुनरावशोषण करती है ।
औरम क्लोरेटम : मन की विषादपूर्ण अवस्था । सिर की ओर रक्त संकुलन । धड़कन बढ़ना ।
बेरियम क्लोरैट : स्मरण-शक्ति में बढ़ता हुआ हास, अस्थिरता व मानसिक लक्षणों की परिवर्तनशीलता, सिर चकराना, बहरापन तथा बुढ़ापे की कमज़ोरी ।
कोनियम : सिर चकराना, विशेषकर उठने पर, रक्त संकुलन याददाश्त में कमी, मन:स्थिति में परिवर्तन, तंत्रिका तंत्र में सामान्य कमज़ोरी तथा अति संवेदनशीलता, नपुंसकता ।
आयोडेट्स : रक्त का बढ़ता हुआ चिपचिपापन जो थायरॉयड ग्रंथियों पर क्रिया करता है, मांसपेशियों में अत्यधिक तनाव, तथा धमनियों की सामान्य कठोरता ।
ग्लोनोइनम : सिर में रक्त संकुलता, तेज़ नाड़ी, छाती तथा हृदय में रूकावट की अनुभूति ।
प्लम्बम एसेटिकम : हल्का उच्च-रक्तचाप, साथ में मन की भ्रामक स्थिति (dementia), गुर्दों की बीमारी में रक्तघात (मूर्छा) ।
लड़खड़ाकर चलना (staggering gait) ।

आर.१२ खुराक की मात्रा : सामान्यतः प्रतिदिन 3 बार थोड़े पानी में 10-15 बूँदें । तीक्ष्ण (Acute) रोगावस्थाओं में, उपचार के प्रारंभ में , प्रतिदिन 4-6 बार । सुधार (2-3 सप्ताह में) के बाद लंबे समय तक प्रतिदिन एक या दो बार लेते हुए उपचार जारी रखें । उपचार के दौरान नमक का प्रयोग बंद रखें तथा हालत में सुधार होने पर बहुत कम मात्रा में लेना चाहिए ।

गलगंड (goiter) तथा अवटु विषाक्तता (thyreotoxicosis meaning in Hindi) की प्रवत्ति में : लगभग 4-6 सप्ताह तक दिन में एक बार 10-15 बूँद का उपचार जारी रखना चाहिए, और एक माह के अंतराल पर पुनः दोहराना चाहिए ।

रक्तघात (Apoplexy) में : प्रारंभ में लगातार खुराक लें, प्रत्येक 1-2 घंटे में 10-15 बूँदें, तत्पशचात् दिन में 4-6 बार 10-15 बूँदें लें ।

R12 in Hindi, टिप्पणी : साथ ही हृदय सम्बन्धी कमज़ोरी में प्रतिदिन R-12 और R-3 दोनों को बारी-बारी से 2-3 बार लें ।

हृदय की माँसपेशियों के रोधगलितांश (myocardial Infarct meaning in Hindi) में R 67 तथा R 2 देखें ।

हृदय के दर्द में (Angina pectoris meaning in Hindi) : R 2 के साथ बारी-बारी लें ।

हृदय की अपर्याप्तताओं में : R 3 देखें

हृदय की क्षति आपूर्ति न होने की स्थिति में : R 58

सिर चकराने में : R 29 के साथ बारी-बारी से ।

रुक-रुक कर लड़खड़ाती चाल, परिसरिय वाहिका सम्बन्धी विकार, आदि होने पर : R 63 देखें ।

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