डॉ .रेकवेग R68 Shingles Drops हर्पीज का इलाज, नागिन बीमारी की दवा

r68 medicine in hindi herpes ka ilaj nagin bimari ki dawa

शिंगल्स या हर्पस ज़ोस्टर के बारे में संक्षिप्त जानकारी
शिंगल्स, जिसे हर्पस ज़ोस्टर भी कहा जाता है, एक वायरल बीमारी है जो स्थानीय इलाके में फफोले के साथ दर्दनाक त्वचा की छाला की विशेषता है। शिंगल एक दर्दनाक त्वचा के लाल चकत्ते का कारण बनता है जो धड़ पर फफोले के पट्टी के रूप में दिखाई दे सकता है। चकत्ते खत्म होने के बाद भी दर्द जारी रह सकता है (इसे पोस्ट-हेर्पेप्टिक न्यूरेलिया कहा जाता है)। शिंगल्स वैरिकाला-ज़ोस्टर वायरस के कारण एक संक्रमण है, जो एक ही वायरस है जो चिकनपॉक्स का कारण बनता है। चिकनपॉक्स संक्रमण खत्म होने के बाद भी, वायरस शिंगलों के रूप में पुनः सक्रिय करने से पहले वर्षों तक आपके तंत्रिका तंत्र में रह सकता है। चिकनपॉक्स वाला कोई भी व्यक्ति शिंगल विकसित कर सकता है। यह ज्ञात नहीं है कि वायरस पुनः सक्रिय कैसे होता है। उपचार में दर्द राहत और एंटीवायरल दवा जैसे एसिकोलोविर या वैलासिकोलोविर शामिल हैं। बचपन में एक चिकनपॉक्स टीका या वयस्क के रूप में एक शिंगल टीका शिंगलों के विकास के जोखिम को कम कर सकती है।

मूल-तत्व : क्रोटोन टिग. D6, मेजेरियम D3, नेट्रियम क्लोरेटम D6, रस टॉक्स D4.

R68 in Hindi indications लक्षण : परिसर्पीय दाद में (Herpes Zoster) चेचक जैसे दानें निकलना (Verioform)।

क्रिया विधि : इस मिश्रण की सभी दवायें हर्पीज ज़ोस्टर (Herpes Zoster) में होम्योपैथिक रूप से उपचार करती हैं :
मेजेरियम : त्वचा पर रिसावदार फफोले, साथ में उनके चारों ओर लाल घेरे, खुजली तथा नाड़ियों में जलन और दर्द।
नेट्रियम क्लोरेटम : होठों पर प्रकट होने वाली दाद (Herpes)।
रस टॉक्स : त्वचा पर अत्यधिक खुजली करने वाली फुंसियाँ तथा फफोले। त्वचा लाल और पीड़ायुक्त होती है। त्वचा पर असंख्य लाल आधार वाले, जलन भरे तथा सुई जैसी चुभन वाले फफोले।

R68 खुराक की मात्रा : तीव्र (Acute) स्थिति में प्रारंभ में १/२-१ घंटे पर १० बूँदें थोड़े पानी में दें। प्रत्यक्ष सुधार दिखने पर खुराक कम करके २-३ घंटे पर १०-१५ बूँदें कर दें।

टिप्पणी : छाती या धड़ के चारों ओर होने वाली दाद (Herpes) : R68 के साथ R69 भी बारी-बारी से लें, थोड़े पानी में १० बूँदें १/२-१-२ घंटे पर। सुधार शुरू होने पर खुराक कम कर दें। यदि सम्बन्धित लसिका ग्रंथियाँ बढ़ गयी हैं तो R68 के साथ में R1 भी दें, प्रतिदिन १-२ बार थोड़े पानी में १०-१५ बूँदें।
हर्पीज जोस्टर (Herpes Zoster) के साथ नाड़ियों में दर्द होने पर : साथ ही R69 और R70 दें।
दुर्लभ स्थितियों में, तीनों मिश्रणों को बारी-बारी से प्रत्येक १-२ घंटे पर थोड़े पानी में १०-१५ बूँदें देना अनिवार्य होगा; सुधार शुरू होने पर खुराक कम कर दें। एटोमेयर-बेकरॉन R30 का भी प्रयोग कर सकते हैं। तीक्ष्ण और पुराने एक्ज़िमा में : R23 से तुलना करें। चेचक जैसे दानों में R6 भी साथ दें।

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