डॉ. रेकवेग R49 साइनसाइटिस होम्योपैथी ड्रॉप्स – तीव्र एवं पुराना नज़ला, नाक का प्रदाह

R49 drops in Hindi sinusitis medicine band naak ka ilaj

क्या आप साइनसाइटिस, नाक बंद या कैटार्र (catarrh) की समस्या से परेशान हैं?
Dr. Reckeweg R49 Drops एक भरोसेमंद जर्मन होम्योपैथिक दवा है जो नाक की बंदी, साइनस दर्द, पोस्ट-नासल ड्रिप और नाक में पॉलिप्स से राहत देती है।

मुख्य लाभ:
• तीव्र और पुरानी साइनसाइटिस में सहायक
• नाक के मार्ग को साफ करता है और कैटार्र कम करता है
• सूजन और गले में ड्रिपिंग से होने वाली तकलीफ़ को कम

नज़ला, नाक का प्रदाह या साइनसिसिटिस के बारे में संक्षिप्त जानकारी
साइनसिसिटिस अस्तर के ऊतक की सूजन है जो नाक के आस-पास की हड्डियों के भीतर खोखले हवा की जगह है। पारानेसल साइनस वे गुहा होते हैं जो नाक के मार्गों के प्रभावी ढंग से काम करने के लिए आवश्यक श्लेष्म उत्पन्न करते हैं। स्वस्थ साइनस हवा से भरे रहते हैं। लेकिन जब वे अवरुद्ध हो जाते हैं और तरल पदार्थ से भरे जाते हैं, तो रोगाणु बढ़ सकते हैं और संक्रमण हो सकते हैं। साइनस अवरोध पैदा करने वाली स्थितियां में सामान्य ठंड शामिल हैं। एलोपैथी में तीव्र साइनसिसिटिस उपचार में लक्षण के मुताबिक राहत दर्द की दवा, नाक भरने की दवा (डीकन्जेस्टन्ट) और नाक की नमकीन कुल्ला (सेलाइन रिंस ) शामिल है जबकि क्रोनिक साइनसिसिटिस एंटीबायोटिक्स के साथ इलाज किया जाता है।

R49 drops Hindi लक्षण: नाक के तीव्र एवं पुराने नजले में तथा ऊपरी जबड़े से संबंधित साइनस (Maxillary sinus) में, साइनस का प्रदाह (Sinusitis)। बच्चों में नाक के अंदर मांस बढ़ जाना। स्वाद एवं गंध का मालूम न पड़ना।

मूल-तत्व: आर्सेनिक एल्ब D12, कैल्शियम कार्ब D30, सिन्नाबेरिस D12, कैलियम बाइक्रोम D12, मर्क सोल. D30, पल्साटिल्ला D12, सीपिया D12, सल्फर D30.

आर ४९ ड्रॉप्स क्रिया विधि: आर्सेनिकम एल्बम: सामन्यतया पुराने रोगों के साथ, निराशा।
कैल्क. कार्ब. हैनेम: श्लेष्मिक झिल्ली की सूजन, कोई गंभीर रोगावस्था (Pastoesem habitus), ग्रंथियों की सूजन (उदाहरणार्थ, बच्चों के स्क्रोफुला में) में संरचनात्मक औषधि। पीब बनना, श्लेष्मिक झिल्ली में पीब युक्त जलन।
सिन्नाबेरिस: मैक्सिलरी साइनस में तथा माथे के नज़ले में।
कैलियम बाइक्रोमिकम: चमकदार व चिपचिपे श्लेष्मा (नाक तथा मैक्सिलरी साइनस से) के निस्सारण में सहायक। श्लेष्मिक झिल्ली की उत्तेजना की पुरानी स्थितियां, पुराना नजला तथा बलगम बनने की पुरानी शिकायत।
पल्साटिल्ला: ऊपर वाला समान प्रभाव, ताजी हवा में सुधार।

आर ४९ ड्रॉप्स खुराक की मात्रा: तीव्र स्थितियां में प्रत्येक १-२ घंटे पर थोड़े पानी में १० बूँद लें। पुरानी स्थितियों में रोज ३-४ बार १०-१५ बूँदें लें।

टिप्पणी: इंफ्लुएंज़ा के दौरान या उसके बाद R6 का अतिरिक्त प्रयोग करना चाहिए।
R45, गले की खराश में तथा स्वरयंत्र की सर्दी में।
खाँसी में R8/R9 तथा फेफड़ों की झिल्ली के प्रदाह (Pleurisy) एवं पसलियों के बीच वातशूल में R24 लें।

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