रेकवेग R44 Drops in hindi, रक्त परिसंचरण विकार, कम रक्त दबाव की दवा

Reckeweg R44 drops in hindi for Disorders of the blood circulation रक्त संचरण के विकार (दुर्बलता) निम्न रक्त चाप

मूल-तत्व: क्रैटेगस D1, लौरोसेरॉसस D3, ओलियन्डर D3, स्पार्टियम स्कोप. D2.

लक्षण: संचरण में दुर्बलता तथा अल्प रक्तचाप। हृदय की दुर्बलता तथा उसके बाद आलस।

क्रिया विधि: क्रैटेगस: हृदय की माँसपेशियों को शक्ति देने वाली प्रमुख औषधि।
लौरोसेरॉसस: रक्त में प्रूसिक अम्ल (Prussic Acid) के शामिल होने के कारण श्वास प्रणाली में चिड़चिड़ापन।
ओलियन्डर: संचरण पर विशिष्ट क्रिया; रक्तचाप बढ़ाती है, जिसे यह नियमित करती है।
इस दवा का मिश्रित प्रभाव का ज्ञान उपचार के कुछ ही दिनों बाद होने लगता है, यह शिराओं सम्बन्धी तनाव को ठीक करता है तथा रक्तचाप को नियमित करता है।
यह दवा स्त्रियों में अल्परक्तता (anaemia) के लिए श्रेष्ठ है, जो प्रसव में रक्त-स्त्राव (excessive menstural bleeding) के कारण होती है, अथवा अल्प रक्तचाप की अवस्था जो इन्फ्लुएंजा जैसे संक्रामक रोगों के बाद उत्पन्न होती है। सामान्यतया हृदय की बढ़ती हुई अनियमित तान (Vegetative dystonia) के साथ रक्तचाप कम हो जाने पर भी इसका प्रयोग किया जाता है।

खुराक की मात्रा: लंबे समय तक चिकित्सा जारी रखते हुए : प्रतिदिन ३ बार भोजन के पूर्व थोड़े पानी में १०-१५-२० बूँदें। उम्र स्थितियों में प्रत्येक १-२ घंटे में १०-१५ बूँदें।

टिप्पणी: बार-बार पीड़ा होने पर तथा बार-बार संचरण सम्बन्धी कमजोरी होने पर प्रत्येक ५-१० मिनट पर १०-१५ बूँदें, चाहे बिना पानी मिलाये या थोड़े गर्म पानी में। नींद नियमित होनी चाहिए; यह प्रसव के बाद कमजोर हो गयी युवा माताओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है।
पूरक दवाऐं : R 31 तथा R 2.

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