Arthritis Homeopathy Treatment in Hindi आर्थराइटस या गठिया का इलाज

आर्थराइटस या गठिया (Gout in Hindi) के इलाज में होम्योपैथिक चिकित्सा एक लोकप्रिय इलाज है। होमियोपैथी से गठिया का इलाज कई बार पूर्ण रूप से सफल हो जाता है। होमियोपैथी में गठिया का इलाज सरल, सुरक्षित और कारगर है। होम्योपैथिक इलाज में गठिया की हालत और लक्षणों को देखते हुए हर मरीज़ का इलाज अलग तरीके से किया जाता है। होमियोपैथी में गठिया का इलाज बिना किसी सर्जरी के भी किया जा सकता है।

आर्थराइटिस या गठिया अपने आप में कोई एक बीमारी न होकर कई बीमारियो के मेल से बनी एक अवस्था है। गठिया, ऊतकों के उत्तेजन से होने वाले दर्द , जोड़ो का टूटना या ख़राब होने , जोड़ो में दर्द और जोड़ो के पूर्ण रूप से ना हिल पाने की वजह से होता है। गठिया बुढ़ापे में होने वाली बीमारी नहीं है। गठिया का  जायज़ा लेंगे तो पांच में से तीन मरीज़ 65 की उम्र से कम के होते हैं। गठिया एक गंभीर अवस्था है । ओस्टियो अर्थिरिटिस माध्यम वर्गीय लोगो में सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला गठिया है।

ज़्यादा दर्द न होने पर ओस्टियो अर्थिरिटिस में दर्द को कम वाली दवाएं दी जाती है जैसे आइबूप्रोफेन और एस्प्रिन, लेकिन जहा गठिया और दर्द सामान्य से बहुत ज़्यादा बर्ध्य जाता है वहाँ स्टेरॉइड के इंजेक्शन लगाये जाते है। इन सारे इलाजों में गठिया का  मूल रुपी सीधा इलाज न होके बस गठिया में होने वाले लक्षण दर्द का इलाज होता है (symptomatic treatment)। एक नई खोज में ये भी पाया गया कि NSAID  और COX-2 जैसी दवाएं, लगातार इस्तेमाल से गठिया को और गंभीर अवस्था में बदल देती है। गठिया में दी जाने वाली दवाएं कुछ समय बाद गुर्दे को खराब करने लगती है और ब्लड प्रेशर को बढाती हैं।

रूमेटॉयड अर्थिरिटिस को अपनी ज़िन्दगी की खुशियां न छीन ने दें। होमियोपैथिक इलाज अपनाये क्योंकि होमियोपैथी गठिया के दर्द को दूर कर उसे ठीक करता है। खरीदें गठिया को ठीक करने वाली होम्योपैथिक दवाएं होमेओमार्ट से जो भारत का सर्वश्रेस्ठ ऑनलाइन होम्योपैथिक स्टोर है।

सी बीमारी जिसमे जोड़ो में सूजन और ऊतकों में जलन हो उसे इंफ्लामेंशन कहते है। जब जोड़ के ऊतकों में होने वाली जलन अत्यधिक बढ़ जाती है तो वो रहेउमाटोइड अर्थिरिट्स का रूप ले लेती है। ओस्टियो अर्थिरिस्टिस में जोड़ के बीच में पाई जाने वाली कार्टिलेज घिसने से टूट–फूट (wear & tear) हो जाता है और ख़राब होने लगती है। जहाँ ओस्टियो अर्थिरिस्टिस कार्टिलेज घिसने की वजह से होता है वहीँ रहेउमाटोइड अर्थिरिट्स शारीर के इम्यून सिस्टम की खराबी से होता है।

Arthritis Medicine Hindi List, Buy Online

Arthritis symptoms in Hindi and Medicines होम्योपैथिक सिंगल रेमेडीज ,रहेउमाटोइड अर्थिरिट्स को ठीक करने के लिए।

बेंज़ोइकम एसिडम (tds)  सूजन और दर्द के साथ तिव्र गंध वाले मूत्र आने पर।
बर्बेरिस वुल्ग 3x (tds) 4 खुराक में सूजन और दर्द कम करती है।
ब्रायोनिया अल्बा (tds) जोड़ो में दर्द भरी सूजन के लिए जब रगड़ से या चलने से दर्द उठ रहा हो।
कालकारिया फ्लौर (tds) टेढ़ी हड्डिया होने पर
कार्बोनेम सुल्फ (tds)  रीढ़ की हड्डी के सख्त होजाने पर।कंधो में सूजन और वज़न महसूस होने पर।
कॉलोफाइलम 3x (tds) उंगलियो के जोड़ो के दर्द, कलाई घुमाने और मुट्ठी बंद करने पे होने वाले दर्द के लिए।
कैमोमिला (tds) अर्थिरिटिस का दर्द सामान्य से ज़्यादा होने पर। रात को यह दर्द बढ़ जाता है।
कॉलचिकम औटम 3x (tds)  उंगलियो और घुटनों के जोड़ में सूजन और दर्द होने पर।
एलटेरिम (tds) ऊँगली के जोड़ो में,अंगूठे , घुटने और तलवे में उठने वाले और तीखे दर्द के लिए। कूल्हे के जोड़ो में गाउट के तीव्र दर्द के लिए।
फोर्मिका रूफा 6x (tds) ऐसे अर्थिरिटिस के लिए जो चोट लगने से न हुआ हो  3 खुराख से शुरू करे और धीरे धीरे खुराख को कम करे।
गौलथेरिया ओइल्लन 10-20 ड्राप एक खुराख में, अर्थिरिटिस के दर्द को दूर करदेती है।
एलटेरिम (tds) ऊँगली के जोड़ो में, अंगूठे , घुटने और तलवे में उठने वाले तीव्र और तीखे दर्द के लिए। कूल्हे के जोड़ो में गाउट के दर्द के
फसेओल्स (tds) गाउट के साथ डाईबिटीज़ होने पर।
पिक्रिकम एसिडम (tds) अर्थिरिटिस डेफोर्मन्स, हाथ और पैर में होने वाले चुभन जैसे दर्द के लिए।
पुलस्टिल्ला निग (tds) घुटने के गाउट के लिए। पर के तलवो में होने वाले दर्द के लिए।
रेडियम ब्रोम(tds) क्रोनिक रेयुमैटिक अर्थिरिटिस जोड़ो में होने वाले तेज़ दर्द के लिए। घुटने, एड़िया, कंधे, हाथ और उंगलियो में होने वाले दर्द के लिए।
रैमनस कॉल (tds) में होने वाले दर्द के लिए।
रस टॉक्स (tds) सर्दी और बारिश में बिगाड़ जाने वाले गाउट और रूमैंटिजम के लिए।
सैंगुईनेरिया (tds) कंधो के जोड़ में होने वाले गठिया के लिए।.
सटिकटा पल्म (tds)  कंधे के जोड़ में होने वाले रियुमैटिज़म , कलाई, घुटने और एड़ी में होने वाले दर्द के लिए।
सल्फर (od)  कंधे में दर्द होने और त्वचा में खुजली होने पर। घुटने और एड़ी के जोड़ो के जम्म जाने पर।
सिम्फाईटम ऑफ आईएम (tds)  रूटा क्यू (tds) चोट या हड्डी टूटने से उठे जोड़ो में दर्द के लिए।
थायोसिनानटियम (tds) बुर्धपे में होने वाले गठिया और वर्टिगो के लिए।
थूजा occ (tds)  गोनोरिया की वजह से होने वाली गठिया के लिए |
ट्राईमिथाइलएमिनेम (tds) कलाई और एडीओ कमें दर्द होने से बुखार आने पर।
ट्राईमिथाइलएमिनेम 3x (tds) जोड़ में सूजन और दर्द होने पर। रूमैंटिजम के लिए।

 

गठिया के रोकथाम और इलाज के लिए कुछ सुझाव

सुझाव 1– गठिया , जोड़ो के ऊतकों की सूजन और जलन की वजह से होता है। हमारा पहला लक्ष्य भोजन का ठीक चयन होना चाहिए ताकि ऊतकों की सूजन ना बढे।

सुझाव 2 – एक नयी खोज के अनुसार ग्लूकोसामीन और कॉन्ड्रोइटिन सप्पलीमेन्ट लेने से गठिया में होने वाला दर्द कम होता है और हड्डियो के आस पास घिस जाने वाली कार्टिलेज का मरम्मत/उत्पादन फिर से होता है।

सुझाव 3 – शारीर में जोड़ो को सूजने से रोकें।

 सुझाव 4 – वज़न पे ध्यान दें। मोटापे से जोड़ो पे अधिक जोर पड़ता है और हड्डिया में तनाव पड़ता है और भी कमज़ोर होजाती हैं।

सुझाव 5– ज़्यादा तेल में बना खाना न खाएं। तली भुनी एयर मैदे से बनी चेज़ो का सेवन न करे, मीठे तले खाने, मैदे से बने खाने और कोल्ड ड्रिंक का परहेज़ करें।

सुझाव 6– व्यायाम करें। ऐसे कई व्यायाम है जो गठिया को ठीक करते हैं। शारीर को व्यायाम से लचीला बनाये ताकि जोड़ो में ऐंठन काम हो और शरीर का रक्त संचार बेहतर हो।

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