“कान की हड्डी गलना” (Kaan ki haddi galna) एक ऐसी चिकित्सीय स्थिति को संदर्भित करता है जिसमें कान की हड्डियां, विशेष रूप से मध्य कान (ऑसिकल्स), खराब हो जाती हैं, क्षय होती हैं या संक्रमण का शिकार हो जाती हैं। यह पुरानी कान की संक्रमण, चोट या कुछ अन्य बीमारियों के कारण हो सकता है।

संभव कारण:
- पुराना ओटाइटिस मीडिया (मध्य कान संक्रमण): लंबे समय तक चलने वाले संक्रमण ऑसिकल्स के क्षय का कारण बन सकते हैं।मध्य कान संक्रमण के लिए प्रभावी होम्योपैथिक समाधान जांचें।
- कोलेस्टेटोमा: मध्य कान में असामान्य त्वचा की वृद्धि हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकती है।
- कान का क्षय रोग (ट्यूबरकुलोसिस): यह दुर्लभ है, लेकिन कान की हड्डी के विनाश का कारण बन सकता है।
- ऑस्टियोमाइलाइटिस: एक हड्डी का संक्रमण जो कान को भी प्रभावित कर सकता है।
- चोट या आघात: कान की गंभीर चोटें हड्डी को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
लक्षण:
- लगातार कान से स्राव (अक्सर दुर्गंधयुक्त)
- सुनने में कमी
- कान में दर्द
- चक्कर आना या वर्टिगो (अगर आंतरिक कान प्रभावित हो)
- बार-बार संक्रमण होना
उपचार:
- एंटीबायोटिक्स: संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए। प्राकृतिक होम्योपैथिक एंटीबायोटिक जैसी उपचार विधियां सुरक्षित और प्राकृतिक समाधान प्रदान करती हैं।
- कान की सफाई: पेशेवर द्वारा नियमित रूप से कान की सफाई। डॉक्टर द्वारा अनुशंसित कान की वैक्स हटाने की ड्रॉप्स और होम्योपैथिक दवाएं जांचें
- सर्जरी: यदि स्थिति गंभीर है, तो टाइम्पैनोप्लास्टी या मास्टोइडेक्टॉमी जैसे शल्य चिकित्सा की आवश्यकता हो सकती है।
- सुनने वाले यंत्र: यदि हड्डी को स्थायी रूप से नुकसान हुआ है तो सुनने में सहायता के लिए।
यदि इस स्थिति का संदेह हो, तो सही निदान और उपचार के लिए ENT विशेषज्ञ से परामर्श करना अत्यंत आवश्यक है।
