R74 Bedwetting drops Hindi नींद में पेशाब निकलना, बिस्तर गिला करना

R74 homeopathy medcine in hindi for bed wetting nocturnal enuresis

नींद में पेशाब निकलना या नॉक्चुर्नल एनुरेसिस के बारे में संक्षिप्त जानकारी
नॉक्चुर्नल एनुरेसिस यानि बिस्तर गीला करना रात में सोते समयअनैच्छिक पेशाब है, जो एक उम्र के बाद व्यक्ति अपने मूत्राशय को नियंत्रित करने में सक्षम होना चाहिए। चीनी से छुटकारा पाने की कोशिश करने के लिए शरीर मूत्र उत्पादन बढ़ाता है। अक्सर पेशाब करना मधुमेह का एक आम लक्षण है। यदि आप खुद को हर रात दो बार से अधिक पेशाब करने के लिए जागते हैं, तो आपको यह स्थिति हो सकती है। इनमें से कोई भी चिकित्सा समस्या वयस्कों में बिस्तर गीला करना का कारण बन सकती है: मधुमेह, मूत्र पथ संक्रमण, मूत्र पथ पत्थर, तंत्रिका संबंधी विकार, शारीरिक असामान्यताएं, मूत्र पथ कैलकुली, प्रोस्टेट कैंसर, प्रोस्टेट वृद्धि, मूत्राशय कैंसर, या अवरोधक नींद एपेना। इस परिस्थिति से निपटने के उपाय; पानी पीने के समय में बदलाव, बाथरूम जाने का एक अनुसूची, मूत्राशय परेशानियों को हटा दें, अगर कब्ज एक कारक है तो विचार करें।

R74 drops in Hindi Indications लक्षण : नींद में पेशाब कर देना, मूत्राशय की कमजोरी।

मूल-तत्व : कैल्शियम फॉस. D30, फेरम फॉस D8, कैलियम फॉस D12, पल्सेटिल्ला D12, सीपिया D6, कॉस्टिकम हैनेम D30.

क्रिया विधि : इस मिश्रण की दवायें तंत्रिका (Nervous) सम्बन्धी तथा कमजोर रोगियों के स्वास्थ्य में सुधार लाती हैं। मूत्राशय की क्रियाओं को नियंत्रित करने वाली प्रेरक तंत्रिकाओं पर भी ये प्रभाव डालती हैं।
कैल्क फॉस. : दुबले-पतले रोगियों को मोटा-ताजा करने वाली औषधि।
पल्सेटिल्ला : पेशाब रोकने में असमर्थता विशेषकर लड़कियों में।
फेरम फॉस : दिन में भी पेशाब को रोकने में असमर्थता।
काली फॉस : दुर्बल स्नायविक संरचना। सामान्य कमजोरी और क्षीणता (Debility)।
सीपिया : मूत्राशय की संकोचीनी या पेशी (की अपर्याप्तता) पर विशिष्ट प्रभाव। नींद के पहले चरण में बिस्तर में पेशाब कर देना। यौन सम्बन्धी अंगों पर प्रभाव डालने वाली औषधि।

R74 खुराक की मात्रा : छोटे बच्चों का रात में बिस्तर पर पेशाब करना: प्रतिदिन ३ बार थोड़े पानी में ८-१० बूँदें। २-३ सप्ताह बाद खुराक कम कर के दिन में २ बार कर दें।
यही खुराक बड़े बच्चों को देना चाहिए, हालाँकि खुराक को बढ़ाकर १०-१५ बूँद कर देना चाहिए।
वयस्कों को थोड़े लंबे समय तक दिन में ३ बार १०-१५ बूँद देनी चाहिए।

टिप्पणी : रात में पेशाब करने या मूत्राशय की तकलीफों से सम्बन्धित रोगों के अनेक कारण हो सकते हैं, तथा इसलिए उन तकलीफों के उन मुख्य कारणों को बाहर निकालना आवश्यक होता है। रीढ़ की हड्डी की जाँच भलीभांति कर लेनी चाहिए।
मूत्र प्रजनन नली में जलन की प्रक्रिया : R18 के साथ तुलना करें तथा R74 के साथ या बारी-बारी दें।
प्रोस्टेट ग्रंथि का सम्बन्ध होने पर : R25.

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