R35 for Teething problems Hindi दाँत निकलने में दर्द की औषधि

R35 Homeopathy medicine in hindi for delayed teething, painful dentition- R35

Reckeweg R35 for teething problems in children in Hindi. दाँत निकलने में दर्द की जर्मन होम्योपैथी औषधि

आपके बच्चे का पहला दांत उसके तीसरे या चौथे महीने तक आने का संभव नहीं है। इससे पहले दांतों का उद्भव होना जल्दी शुरुआती माना जाता है। अगर आपका बच्चा 13 माह के समय तक शुरुवात नहीं कर रहा है, तो वह देर से शुरुआती अनुभव कर रहा है। ज्यादातर मामलों में, विलंब से शुरु होने के बारे में चिंता करने की कोई बात नहीं है| इस विलंब का कई कारन हो सकते हैं , अक्सर कोई खास वजह नहीं, और कभी कभी बच्चे को अपना पहला दांत बढ़ाने के लिए 18 महीने का समय लग सकता है। दांतों में देरी बच्चे में कुपोषण के लक्षणों का संकेत भी हो सकता है|आप पाएंगे कि आपके बच्चे के शुरुआती लक्षण रात के दौरान खराब होने लगते हैं – इसका कारण यह है कि रात के दौरान रक्तचाप स्वाभाविक रूप घटने से हो जाता है, जिससे मसूड़ों में दांतो का स्थानांतरित होता है

मूल-तत्व : एकोनाइटम D6, ब्रायोनिया D30, कैल्शियम कार्ब D30, कैमोमिला D4, कोलोसिंथिस D12, इग्नेशिया D30, स्टैफिसैग्रिया D8.

लक्षण : दाँत निकलते समय दर्द, दाँत सम्बन्धी ऐंठन, देर से दाँत निकलना ।

क्रिया विधि : इसके शक्तिकत घटकों (Potentised constituents) के कार्यकलापों से ही इसके प्रभावशाली उपचारक गुणवत्ता का ज्ञान होता पता है ।

एकोनाइटम : बुखार जैसी परिस्थितियाँ; किसी न किसी रूप में ठंड लग कर रोग होना, जो दाँत दर्द के साथ या बारी-बारी से हो । उत्तेजना, चीखने-चिल्लाने की प्रवत्ति ।

ब्रायोनिया : सीरमी त्वचा की जलन

कैल्क कार्ब : दाँत के विकास पर कार्य करता है, दाँत निकलना सुगम हो जाता है ।

कोलोसिंथिस : उत्तेजित अवस्थायें : स्पन्दनकारी पीड़ा,व्याकुलता, आक्रामक क्रोध के दौरे ।

इग्नेशिया : वातोन्मादी (Hysterical) प्रतिक्रियायें, लगातार कराहना; नाड़ी सम्बन्धी उत्तेजना ।

स्टैफिसैग्रिया : नाड़ियों की उत्तेजना तथा बच्चों का असामान्य व्यवहार, लगातार रिरियाना और कराहना ।

R 35 की क्रिया पीड़ा और जलन को कम करती है, जो उत्तेजना की स्थितियों तथा ठंड के कारण उत्पन्न लगातार बनी रहने वाली बीमारी में होती हैं, जैसे श्वासनलियों का प्रदाह (Bronchitis), खसरा से पूर्व भी, उत्तम रहेगा इसके साथ-साथ कान के बिचले पर्दे के प्रदाह (Otitis-media) के लिए जाँच कर ली जाये ।

खुराक की मात्रा : तीक्ष्ण स्थितियों में इस उत्पाद की ही लगातार खुराक लेनी चाहिए । छोटे बच्चों के लिए 1/2 कप पानी में 40-50 बूँद डाल कर प्रत्येक 5-10 मिनट पर एक छोटा चम्मच दवा देनी चाहिए । कुछ बड़े बच्चों को जिनकी स्थिति कम तीक्ष्ण हो, लगातार थोड़े पानी में 10-15 बूँदें डाल कर दें । खोखले दाँत के कारण हुए दर्द के लिए, इस मिश्रण को शुद्ध रूप से रुई के फाहे में लगाकर लगायें ।

टिप्पणी : पूरक उत्पादों के रूप में R 34 जिससे कैल्शियम की उत्पादकता और दाँतो के विकास में सुधार हो ।

देर से दाँत निकलने पर, दाँतोँ का समुचित विकास न होने पर अतिरिक्त औषधि के रूप में R 34, दिन में एक दो बार दें ।

नाड़ी सम्बन्धी पीड़ा में : R 70 तथा R 16 से तुलना करें ।

यदि साथ में इंफ्लुएंज़ा हो : R 6 साथ में लें ।

दाँत की जड़ की जलन में : R 35, और R 1 बारी-बारी से, प्रत्येक 1/2 से 1-2 घंटे में

शांत करने के लिए : साथ में या वैकल्पिक रूप में R 14.

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