R67 Drops for Circulatory Debility रक्त परिसंचरण की क्षीणता के लिए

R67 medicine in hindi for poor blood circulation, blue hands and feet

मूल-तत्व : अमोनियम कार्बोनिक D2, एसिड हाइड्रोसायनिक D6, कार्बोवेजिटेबिलिस D30, क्रोटेलस कास्कावेला D12, टैबाकम D6, वेराट्रम D4, कैम्फर D2.

R67 drops in Hindi indications लक्षण : संचार प्रणाली के तीव्र रोग, संचाराघात, हृत्पात (Cardiac Failure) के बाद ह्रदय जनित आघात, संक्रामक रोग तथा चोट के तत्पश्चात संचरण सम्बन्धी व्यवधान। पुराना संचरण सम्बन्धी व्यवधान, साथ में गहरी बेहोशी (Syncope) की प्रवृत्ति, सिर चकराना तथा असंतुलन की अनुभूति।

क्रिया विधि : सभी घटक दवायें रक्त-संचार को सुधारती हैं तथा ह्रदय को सशक्त करती हैं।
अमोनियम कार्ब. : कमज़ोर तेज़ नाड़ी, साथ में पसीना निकलना तथा मृत्यु का भय।
एसिड हाइड्रोसायनिक : ह्रदय जनित आघात साथ में बर्फ सा ठंडा पसीना और श्वास बन्द हो जाने जैसी अनुभूति। गहन मूर्च्छा और आकस्मिक निपात (Collapse).
कार्बोवेज : छाती में जलन जैसे कोयले जल रहें हों, साथ में कमज़ोरी तथा धड़कन बढ़ना। उखड़ा हुआ श्वास, व्याकुलता। संचरण सम्बन्धी निपात (Collapse) साथ ही ठंड़ा पसीना, चेहरे पर पीलापन तथा शरीर नीला पड़ जाने में शक्ति संचारक। लगबग अदॄश्य नाड़ी।
क्रोटेलस कास्कावेला : ह्रदय सम्बन्धी अपर्याप्तता साथ में आघात की प्रवृत्ति, जो विशेषकर जीवाणु-गत विषों के कारण होती है। संक्रामक अवयवों के बाद रक्त संचरण सम्बन्धी बाधा।
टैबाकम : प्रायः अदॄश्य नाड़ी, साथ में चेहरे में पीलापन, ठंडा पसीना तथा मतली।
वेराट्रम : संपूर्ण संचरण सम्बन्धी आघात, ठंडा पसीना, अदॄश्य नाड़ी, ठंडे नीले हाथ, उठने पर मूर्च्छा (Orthostatic)।

R67 खुराक की मात्रा : तीव्र संचरण सम्बन्धी आघात में प्रत्येक १/४ से १/२ घंटे पर दोहरायें। यदि आवश्यक हो, तो प्रत्येक ५ मिनट पर पानी के साथ या बिना पानी के १०-१५ बूँद दें। एक बार सुधार शुरू हो जाने पर दवा को कम दोहरायें। पुराने संचरण सम्बन्धी व्यवधान में विभिन्न समया-वधि पर प्रतिदिन ३ बार भोजन के पूर्व १० से १५ बूँद दें।

टिप्पणी : तीव्र मॉयोकार्डियल इन्फार्कशन (Myocardial Infarction) में बिना देरी किए निम्नलिखित ३ दवायें दें : R67, R55, R2, प्रारंभ में रोग की गंभीरता के अनुसार प्रत्येक ५-१० मिनट पर तीनों दवाओं को बारी-बारी से दें। तत्पश्चाय धीरे-धीरे दवाओं के बीच का समय अंतराल १/२ से १ से २ घंटे तक बढ़ायें।
रोगी में सुधार होने पर और पुनः आघात न होने पर, R3 और R2 बारी-बारी से दें, ताकि ह्रदय की माँसपेशियों की क्षति को स्थायी रूप से बचाया जा सके। संचरण सम्बन्धी बाधा रजोनिवृत्ति (Menopause) के दौरान होने पर R10 दें।
अल्प तनाव (Hypotonic) की स्थिति में R67 के साथ R44 बारी-बारी से दें।

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