R13 in Hindi, Bawasir ka Ilaj, बवासीर पाईल्स का होम्योपैथी इलाज

Bawasir ka ilaj, Piles Medicine in Hindi

Dr.Reckeweg R13 in Hindi-Homeopathy Medicines for Piles (Bawasir ka ilaj) बवासीर या पाईल्स का सरल उपचार, सुरक्षित और कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं, जर्मन सीलबंद होम्योपैथी दवा – अर.१३ ड्रॉप्स

About Bawasir ka Ilaj, पाइल्स/बवासीर के बारे में आवश्यक जानकारी
• बवासीर के आकार भिन्न हो सकते हैं और गुदा के अंदर या बाहर पाए जाते हैं। पाइल्स गंभीर कब्ज, क्रोनिक डायरिया, भारी वजन उठाने, गर्भावस्था या तनाव के कारण उत्पन्न होते हैं| डॉक्टर आम तौर पर देख कर(परीक्षा करके) पता लगा सकते हैं| ग्रेड 3 या 4 बवासीर के लिए, सर्जरी आवश्यक हो सकती है
• बढ़ती उम्र के कारन, अधिक देर तक बैठेने के वजह से बवासीर तीव्र हो सकता है और शौचालय दौरान तनाव के कारण बाहरी बवासीर हो सकते हैं।
• अगर कब्ज ना होतो, पहले और दूसरे डिग्री बवासीर आमतौर पर अपने आप ढल जाते हैं, लेकिन आपका डॉक्टर लक्षणों को दूर करने के लिए हार्मोराइड क्रीम का एक छोटा कोर्स लिख सकते है। तीसरे डिग्री के ढेर भी खुद से दूर हो सकते हैं, लेकिन यदि वे जारी रहें, तो उन्हें उपचार की आवश्यकता हो सकती है

Tips on Bawasir ka ilaj:पाइल्स बवासीर में दर्द और खुजली को कम करने के लिए नुस्के
• गर्म स्नान, 15 मिनट के लिए गर्म पानी में भिगोएँ
• राहत के लिए लगाए विच-हजेल या अन्य होम्योपैथिक क्रीम (जैसे टोपी एस्कुलुस) या ओवर-द-काउंटर वाइप या क्रीम जो कोई साइड इफेक्ट के साथ दर्द और खुजली दूर कर सकते हैं।
• दर्द निवारक गोलियाँ लो (पेन किलर्स)
• प्रभावित भागों को खरोंचना नही
• कपास का इस्तेमाल करें
• तरल पदार्थ का खूब सेवन करें
• अधिक फाइबर खाएं
• उन खाद्य पदार्थों से बचें जो बवासीर को बदतर बनाते है
• बहुत आसान फिटिंग जांघिया पहने
• रसायनों से गुदा क्षेत्र को सुरक्षित रखें

अर.१३ मूल-तत्व : एस्क्युलस D 2, कौलिनसोनिया कैन D 4, ग्रेफाइट्स D 8, हैमामेलिस D 3, केलियम कार्बन D 6, लाइकोपोडियम D 5, पियोनिया ऑफ D 3, सल्फर D 5, एसिड नाइट्रिक D 6, नक्स वोम. D 4.

Bawasir ka ilaj medicine indications – लक्षण : बवासीर, खुजली, पीड़ा, रक्तस्राव, मलद्वार में फटन, मलद्वार की स्थानच्युति, मलद्वार सम्बन्धी एक्ज़िमा, अति रक्त प्रवाह ।

अर.१३ क्रिया विधि: R13 बवासीर का इलाज कैसे करता है? :
एसिड नाइट्रिकम : आँतों में घोंपने का अहसास, काँटा चुभने जैसा दर्द, मलत्याग के दौरान संकुचन की अनुभूति के साथ में मलत्याग के बाद बनी रहने वाली पीड़ा ।
ऐस्क्युलस हिप○ : गुदा से बाहर की ओर लटकते हुए बबासीरी मस्सों (गहरे लाल रंग के झूलते अर्श) की श्लैष्मिक झिल्ली का सूखापन तथा जलन । त्रिकास्थि (Sacral) भाग में हल्का-हल्का दर्द, शिरा सम्बन्धी स्थिरता ।
कॉलिन्सोनिया कैन : गोणिका (Pelvis) में शिरा सम्बन्धी संकुलन, कब्ज़ियत, पेट फूलना, खूनी बवासीर ।
ग्रेफाइट्स : कब्ज़ियत, चिपचिपा पिंड जैसा मल, पेट फूलना, मलद्वार सम्बन्धी एक्ज़िमा,खुजली
हेमामेलिस : शिराओं का फूलना, बवासीर में से रक्तस्राव (Bleeding) ।
कालियम कार्ब : पीठ दर्द, पेट-फूलना, । कठोर मल, मलद्वार के मस्सों में जलन ।
लाइकोपोडियम : अफारा, पेट फूलना, सूखे मल के साथ, अपूर्ण मलत्याग । रक्त जनित बवासीर साथ में गुदाभ्रंश तथा मलद्वार में ऐंठन । सामान्य रोगभ्रम (Hypochondria) तथा मंदाग्नि (dyspepsia), कब्ज़, पेट में रक्त का अधिक प्रवाह ।
पीयोनिया : गीली बवासीर, पीड़ा-प्रद मलद्वार की फटन । बवासीर में खुजली और पीड़ा, साथ में रक्त स्राव की प्रवत्ति । गुदाद्वार की फटन (Rhagades or fissures) । मल त्याग के बाद बना रहने वाला दर्द ।
सल्फर : बहुप्रयुक्त एवं प्रभावशाली औषधि, मलद्वार में लाली, खुजली, एक्ज़िमा, अस्वस्थ त्वचा

Bawasir ka ilaj dosage, अर.१३खुराक की मात्रा : सामान्यतः प्रतिदिन 3 बार थोड़े पानी में 10-15 बूँदें ।तीक्ष्ण पीड़ा होने पर, उपचार के प्रारंभ में, दिन में 4-6 बार 10-15 बूँदें । रोग के पूरी तरह समाप्त हो जाने पर , कुछ लंबे समय तक प्रतिदिन एक या दो बार 10-15 बूँदें देते हुए उपचार जारी रखें ।

कब्ज़ होने पर, साथ ही साथ मलत्याग को नियमित करना बहुत अधिक महत्वपूर्ण है । अतएव, नाश्ते और रात के खाने में रेचक आहार (fibrous food) लेने चाहिए, जैसे : पके फल, अलसी, हरी मटर, rye ब्रेड, खमीर, दही आदि । मैदे की दौब्लेरोटी, चॉकलेट, स्टार्च जैसे कब्ज़ करने वाले भोज्य पदार्थ न लें ।

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Other top Bawasir ka ilaj medicines बवासीर के लिए अन्य उत्कृष्ट होम्योपैथिक दवाएं

लक्षण  दवा का नाम
खून बह रहा बवासीर श्वाबी एस्क्यूकलस पेंटरकैन गोलियां
बवासीर के लिए होम्योपैथिक बायोकैमिक नमक बायोप्लासेन / बायोकॉम्बिनेट नंबर 17, एस.बी.एल कैलकेरा फ्लूरिका
बवासीर के लिए बाहरी दवा श्वाबी टोपी एस्क्यूलस क्रीम
बवासीर और गुदा फ़िज़र्स के लिए बेकसन पिल्गो, एस.बी.एल एफपी-टैब्स और मरहम, बायो-फ़ोर्स हेमोसान (ब्लूमी १८ ड्रॉप्स), एलेन A२६ ड्रॉप्स 
बवासीर  को भंग कर देता है और घांट को सिकुड़देता है व्हीजल पाइल्स ड्रॉप्स, हसलाब ड्राकस२० पिलोवरीन, एलेन पाइलोहीप
जलन, खुजली और रक्त स्राव के साथ पाइल्स बायो-फ़ोर्स  पाइल्स सालबे (ब्लूमी ७३ मरहम), एपिस मेलिफ़िका क्रीम, हमामेलिस क्रीम
जलन / खून बह रहा बवासीर (हेमरॉइड्स) जर्मन होमियोपैथी एडल २ आपो-हाम बूंदों
बवासीर-सूजन  हसलाब एचसी-२ एस्कुलस
बवासीर की पीड़ा से रहत  डोलिओसिस दी ३८ ड्रॉप्स, फोर्ट्स पाइल्स फील,  निकिर पाइलुम सिरुप
गैर-रक्त स्राव पाइल्स, फ्यूज़र्स और एनास की दरारें एस्क्यूकलस मरहम
बवासीर, कब्ज और फ़िज़र्स बी.बी.पि पाइलोरिन
जलन, खुजली, चिपके हुए, उभड़नेवाला, सूजन के साथ दर्दनाक बवासीर भार्गव पिलोराल, मिनिमस २० पिल्टिन

 

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टिप्पणी : साथ ही लीवर सम्बन्धी तकलीफ में दिन में तीन बार भोजन के पूर्व R 7 का भी प्रोयग करें तथा दिन में दो बार भोजन के बाद R 13 10-15 बूँदें लें ।
> शिरास्फीति तथा शिरापरक तकलीफों में: R 42 को भी अतिरिक्त औषधि के रूप में अथवा बारी-बारी से लें।
> खुनी बवासीर के परिणाम स्वरूप होने वाली अल्परक्तता में : अतिरिक्त औषधि के रूप में R 31 का भी प्रयोग करें।
> महिलाओं के त्रिकास्थि दर्द में : R 50 देखें ।

3 विचार “R13 in Hindi, Bawasir ka Ilaj, बवासीर पाईल्स का होम्योपैथी इलाज&rdquo पर;

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